
हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाते हुए बुजुर्ग (सौ. एआई)
Healthy Ageing Tips: बुढ़ापा जीवन की कोई बीमारी नहीं है बल्कि यह बचपन और युवावस्था की तरह ही एक स्वाभाविक और सम्मानजनक पड़ाव है। अक्सर हम उम्र के साथ आने वाली थकान, हल्की कमजोरी या याददाश्त की कमी को गंभीर बीमारी समझ लेते हैं जबकि ये शरीर में होने वाले सामान्य जैविक बदलाव हैं। अगर सही समय पर उचित देखभाल, प्यार और समझदारी मिले, तो बुजुर्ग भी एक सक्रिय और खुशहाल जीवन व्यतीत कर सकते हैं।
बढ़ती उम्र में शरीर से ज्यादा मन का ख्याल रखना जरूरी होता है। इस पड़ाव पर अक्सर लोग अकेलापन और उपेक्षा महसूस करने लगते हैं। परिवार के सदस्यों का उनके साथ बैठना, उनके अनुभवों को सुनना और उन्हें सम्मान देना उनके मानसिक स्वास्थ्य के लिए किसी टॉनिक से कम नहीं है। जब मन खुश रहता है तो तनाव और अवसाद जैसी समस्याएं खुद-ब-खुद कम हो जाती हैं और शरीर भी बेहतर प्रतिक्रिया देता है।
बुढ़ापे में जिम जाकर भारी कसरत की जरूरत नहीं होती। रोजाना 20-30 मिनट की हल्की सैर, योग और प्राणायाम शरीर को लचीला बनाए रखने के लिए पर्याप्त हैं। आहार की बात करें तो ताजा बना खाना, हरी सब्जियां, फल और पर्याप्त पानी का सेवन ऊर्जा बनाए रखता है। बुजुर्गों को ज्यादा तले-भुने और मसालेदार भोजन से परहेज करना चाहिए ताकि पाचन तंत्र ठीक रहे।
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तेल मालिश: रात को पैरों के तलवों में तेल की मालिश करने से नींद अच्छी आती है।
गुनगुना पानी: जोड़ों के दर्द से राहत के लिए गुनगुने पानी से नहाना फायदेमंद है।
स्वच्छता: दांतों, मुंह और शरीर की नियमित सफाई से आत्मविश्वास और स्वास्थ्य दोनों बढ़ते हैं।
समय-समय पर ब्लड प्रेशर, शुगर, आंखों और हड्डियों की जांच कराते रहने से बड़ी बीमारियों को समय रहते रोका जा सकता है। इसके अलावा बुजुर्गों को उनकी क्षमता के अनुसार घर के छोटे-छोटे कामों में शामिल करना चाहिए। इससे वे खुद को बेकार या बोझ महसूस नहीं करेंगे और उनका आत्मविश्वास बना रहेगा।
बुढ़ापा कोई अंत नहीं बल्कि अनुभवों का खजाना है। बस इस समय व्यक्ति को जरूरत है थोड़े से प्यार और सही लाइफस्टाइल की।






