बाढ़ से हाहाकार के बाद टूटा श्रेयस अय्यर का दिल, पंजाब के कप्तान ने वीडियो जारी कर की भावुक अपील

Shreyas Iyer: पंजाब में आई भीषण बाढ़ से लाखों लोग प्रभावित हैं। श्रेयस अय्यर और पंजाब किंग्स ने राहत कार्यों के लिए सहयोग की अपील की है और फंड जुटाने का अभियान शुरू किया है।
बाढ़ से हाहाकार के बाद टूटा श्रेयस अय्यर का दिल, पंजाब के कप्तान ने वीडियो जारी कर की भावुक अपील
श्रेयस अय्यर (फोटो-सोशल मीडिया)
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Punjab Kings Captain Shreyas Iyer: आईपीएल टीम पंजाब किंग्स (PBKS) के कप्तान और भारतीय बल्लेबाज श्रेयस अय्यर ने बाढ़ से जूझ रहे पंजाब के लोगों के लिए मदद की अपील की है। पंजाब में बीते कुछ समय से भीषण बाढ़ का कहर जारी है। जिसमें अब तक 43 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 1900 से ज्यादा गांव प्रभावित हुए हैं। लाखों लोग बुरी तरह प्रभावित हैं और किसानों की हजारों करोड़ की फसलें बर्बाद हो गई हैं।

राज्य सरकार के मुताबिक, 23 जिलों में हालात गंभीर हैं और करीब 3.84 लाख लोग किसी न किसी रूप में इस आपदा से प्रभावित हुए हैं। ऐसे मुश्किल समय में अय्यर ने एक वीडियो संदेश जारी कर लोगों से राहत कार्यों में आर्थिक सहयोग देने की अपील की है।

वीडियो जारी कर अय्यर ने क्या कहा?

श्रेयस अय्यर ने कहा कि पंजाब ने मुझे जो प्यार दिया है, वो मेरी सबसे बड़ी ताकत है। आज बाढ़ ने हमें मुश्किल में डाल दिया है, लेकिन हम एक साथ मिलकर इससे बाहर आएंगे। आप का छोटा सा योगदान भी किसी के लिए उम्मीद की किरण बन सकता है। आइए, हम सब मिलकर पंजाब को फिर से मुस्कुराते देखें।

https://twitter.com/PunjabKingsIPL/status/1964252004684853414

IPL की फ्रेंचाइजी पंजाब किंग्स (PBKS) ने पंजाब में आई विनाशकारी बाढ़ से प्रभावित लोगों की मदद के लिए ग्लोबल सिख चैरिटी के साथ साझेदारी कर फंड जुटाने का अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत फ्रेंचाइज़ी ने जनता से 2 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है।

पंजाब किंग्स ने बाढ़ में मदद के लिए 34 लाख का दिया योगदान

इससे पहले, पंजाब किंग्स ने खुद 33.8 लाख रुपये का योगदान दिया था। इस धनराशि से रेस्क्यू बोट्स, मेडिकल सहायता, ज़रूरी राहत सामग्री और स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था की जा रही है। रेस्क्यू नावों का उपयोग न केवल मौजूदा आपदा में, बल्कि भविष्य में किसी भी आपदा प्रबंधन के दौरान भी किया जाएगा।

पंजाब इस समय एक भीषण बाढ़ से जूझ रहा है, जो मुख्यतः हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश और बांधों से छोड़े गए पानी के कारण सतलुज, ब्यास और रावी नदियों में उफान आने से हुई है।

1000 से अधिक गांव पूरी तरह से हुए जलमग्न

अब तक की स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है। इस बाढ़ से 1,000 से अधिक गांव पूरी तरह जलमग्न हो चुके हैं, जबकि 61,000 हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि पानी में डूबी हुई है। इसके चलते लगभग 14.6 लाख लोग अपने घर छोड़ने पर मजबूर हो गए हैं। बाढ़ की यह भयावह स्थिति राज्य के सामाजिक और आर्थिक ढांचे पर गहरा असर डाल रही है।

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