

Mansukh Mandaviya Sports Minister: खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने बुधवार को युवा मामले एवं खेल मंत्रालय की संसदीय सलाहकार समिति की बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में उन्होंने 'खेलो भारत नीति-2025' पर चर्चा की और दोहराया कि मोदी सरकार देश को एक वैश्विक खेल महाशक्ति बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
बैठक के बाद खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने अपने 'एक्स' अकाउंट पर पोस्ट किया, "बुधवार को नई दिल्ली में खेलो भारत नीति-2025 पर युवा मामले एवं खेल मंत्रालय की संसदीय सलाहकार समिति की अध्यक्षता की। मोदी सरकार भारत को एक वैश्विक खेल महाशक्ति बनाने के मिशन पर अडिग है। इस परिवर्तनकारी नीति का उद्देश्य जमीनी स्तर की प्रतिभाओं को पोषित करके, बुनियादी ढांचे को मजबूत करते हुए पूरे देश में खेल संस्कृति को बढ़ावा देकर इस लक्ष्य को साकार करना है।"
खेलो भारत नीति-2025 को जुलाई 2025 में लागू किया गया था, जो देश के खेल क्षेत्र में बड़ा बदलाव लाने का वादा करती है। यह नीति पांच मुख्य हिस्सों पर आधारित है। पहला हिस्सा खेल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और युवा प्रतिभाओं को खोजने पर केंद्रित है, ताकि भारत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलों में बेहतर प्रदर्शन कर सके।
नीति का दूसरा हिस्सा खेल से जुड़े उद्योगों जैसे खेल उपकरण निर्माण, खेल पर्यटन और खेल तकनीक को बढ़ावा देने पर ध्यान देता है, जिससे आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। तीसरा हिस्सा खेल के माध्यम से सामाजिक विकास को बढ़ावा देना चाहता है, जिससे समाज में एकता, स्वास्थ्य और शिक्षा को मजबूत किया जा सके।
चौथे हिस्से में खेल को सांस्कृतिक रूप से जोड़ने का प्रयास किया गया है, ताकि समुदायों में खेल को लेकर जागरूकता और भागीदारी बढ़े। अंतिम और पांचवें हिस्से में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप खेल और शिक्षा के बीच तालमेल स्थापित करने पर जोर दिया गया है, ताकि विद्यार्थी खेल और पढ़ाई दोनों में बेहतर कर सकें।
खेल मंत्री ने कहा कि इस नीति के तहत देश के हर स्तर पर खेल कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे और खेल संस्थानों को मजबूत किया जाएगा। साथ ही, खेलों के सतत विकास के लिए वित्तीय व्यवस्था में सुधार किया जाएगा। (आईएएनएस)