Maulana Mahmood Madani: जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी के एक बयान ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। भोपाल में हुई जमीयत की राष्ट्रीय शासी निकाय की बैठक में उन्होंने देश के मौजूदा हालात को “संवेदनशील और चिंताजनक” बताते हुए कुछ गंभीर आरोप लगाए। मौलाना मदनी ने अपने भाषण में कहा कि देश के मौजूदा हालात “बहुत सेंसिटिव और चिंताजनक” हैं। उन्होंने मुख्य रूप से मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाए जाने पर चिंता व्यक्त की। मौलाना महमूद मदनी ने आरोप लगाया कि एक खास समुदाय को जबरदस्ती टारगेट किया जा रहा है। दूसरी ओर उन्हें कानूनी तौर पर कमज़ोर, सामाजिक रूप से अलग-थलग और आर्थिक रूप से बेइज्जत किया जा रहा है। उन्होंने बुलडोजर कार्रवाई, मॉब लिंचिंग, वक्फ संपत्ति पर कब्ज़ा, और धार्मिक मदरसों के खिलाफ नकारात्मक अभियान चलाने का मुद्दा उठाया। मदनी ने कहा कि इन सब की वजह से मुसलमान “सड़कों पर चलते हुए भी असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
Maulana Mahmood Madani: जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी के एक बयान ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। भोपाल में हुई जमीयत की राष्ट्रीय शासी निकाय की बैठक में उन्होंने देश के मौजूदा हालात को “संवेदनशील और चिंताजनक” बताते हुए कुछ गंभीर आरोप लगाए। मौलाना मदनी ने अपने भाषण में कहा कि देश के मौजूदा हालात “बहुत सेंसिटिव और चिंताजनक” हैं। उन्होंने मुख्य रूप से मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाए जाने पर चिंता व्यक्त की। मौलाना महमूद मदनी ने आरोप लगाया कि एक खास समुदाय को जबरदस्ती टारगेट किया जा रहा है। दूसरी ओर उन्हें कानूनी तौर पर कमज़ोर, सामाजिक रूप से अलग-थलग और आर्थिक रूप से बेइज्जत किया जा रहा है। उन्होंने बुलडोजर कार्रवाई, मॉब लिंचिंग, वक्फ संपत्ति पर कब्ज़ा, और धार्मिक मदरसों के खिलाफ नकारात्मक अभियान चलाने का मुद्दा उठाया। मदनी ने कहा कि इन सब की वजह से मुसलमान “सड़कों पर चलते हुए भी असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।






