

स्पोर्ट्स डेस्क: बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी 2020-21 की उस घटना को शायद ही कोई भारतीय प्रशंसक भूल पाएगा, जब चेतेश्वर पुजारा के शरीर पर कई घातक गेंदों का असर हुआ था। अब सिडनी टेस्ट में ऋषभ पंत भी यही करते नजर आ रहे हैं। दरअसल, पहले दिन के दूसरे सेशन में जब मिशेल स्टार्क गेंदबाजी करने आए तो गेंद पंत के हेलमेट पर जोर से लगी।
इसके अलावा एक गेंद उनके हाथ पर भी लगी, जिससे लाल निशान पड़ गया। यह घटना भारतीय पारी के 37वें ओवर की है। दूसरी गेंद स्टार्क ने 144.6 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से शॉर्ट लेंथ पर फेंकी। पंत इससे बचने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन तेज गति से आ रही यह घातक गेंद पंत के हेलमेट पर लगी। यह गेंद कान के हिस्से पर लगी, जिसके तुरंत बाद फिजियो मैदान पर आए और पंत का हालचाल पूछा।
उस समय खेल काफी देर तक रुका रहा, लेकिन अच्छी बात यह रही कि भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज को कोई गंभीर चोट नहीं आई। जैसे ही गेंद ऋषभ पंत के हेलमेट पर लगी, मिशेल स्टार्क आगे आए और पंत का हालचाल पूछा. आपको याद दिला दें कि साल 2014 में ऑस्ट्रेलिया के फिल ह्यूज की सिर पर गेंद लगने से मौत हो गई थी। इसलिए जब भी मैच के दौरान ऐसी कोई घटना होती है, तो ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों के माथे पर चिंता की लकीरें दिखाई देती हैं।
ऐसा ही कुछ स्टार्क के साथ हुआ, जो माथे पर शिकन लिए पंत का हालचाल पूछने पहुंचे। इससे पहले मिशेल स्टार्क की एक गेंद पंत के बाएं हाथ पर लगी थी। गेंद लगते ही पंत के बाइसेप पर लाल निशान बन गया था, मानो गेंद लगने से खून रुक कर एक जगह इकट्ठा हो गया हो। खेल जगत से जुड़ी खबरों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें…
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पांचवें टेस्ट में ऋषभ पंत ने ठीक-ठाक बल्लेबाजी करते हिए 40 रन बनाए, लेकिन एक बार फिर वह खराब शॉट खेलकर पवेलियन लौट गए। अपनी पारी के दौरान उन्होंने 98 गेंदों का सामना करते हुए 3 चौके और एक छक्का जड़ा है।