संजू सैमसन ने अपने ही पैरों पर मार ली कुल्हाड़ी! जीरो पर मिला 'जीवनदान', फिर भी 3 गेंद बाद थमा बैठे कैच

Sanju Samson: न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टी20 मैच में भी विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन का बल्ला नहीं चला। जीवनदान मिलने के बावजूद वह पहले ही ओवर में आउट होकर पवेलियन लौट गए।
संजू सैमसन ने अपने ही पैरों पर मार ली कुल्हाड़ी! जीरो पर मिला 'जीवनदान', फिर भी 3 गेंद बाद थमा बैठे कैच
संजू सैमसन (फोटो- सोशल मीडिया)
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IND vs NZ 2nd T20I: टीम इंडिया ने टी20 फॉर्मेट में एक बार फिर बड़ा प्रयोग करते हुए शुभमन गिल को बाहर रखा और संजू सैमसन को सलामी बल्लेबाज के रूप में मौका दिया। न्यूजीलैंड के खिलाफ लगातार दूसरे टी20 मुकाबले में भी संजू से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद थी, लेकिन रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह अंतर्राष्ट्रीय स्टेडियम में उनका बल्ला खामोश ही रहा। पहले मैच की तरह इस मुकाबले में भी संजू जल्दी पवेलियन लौट गए, जिससे टीम मैनेजमेंट की चिंता बढ़ सकती है।

पहले ही ओवर में मिली बड़ी राहत

न्यूजीलैंड की ओर से पहला ओवर मैट हेनरी ने डाला। ओवर की दूसरी गेंद पर संजू सैमसन को किस्मत का साथ मिला। हेनरी की गेंद को उन्होंने फ्लिक किया, जो सीधे डीप स्क्वायर लेग पर खड़े डेवोन कॉनवे की ओर गई। कॉनवे गेंद को सही तरीके से जज नहीं कर पाए और आगे रह गए। बाद में उन्होंने उछलकर कैच लेने की कोशिश की, लेकिन गेंद उनके हाथ से लगते हुए बाउंड्री के पार चली गई। इस तरह संजू को शून्य पर जीवनदान मिल गया।

जीवनदान के बाद भी नहीं बदली कहानी

हालांकि मिले इस मौके का संजू सैमसन कोई खास फायदा नहीं उठा सके। जीवनदान के बाद भी उनकी बल्लेबाजी में आत्मविश्वास नजर नहीं आया। वह इसी ओवर की पांचवीं गेंद पर आउट हो गए। मैट हेनरी की लेंथ बॉल पर संजू ने बड़ा शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन टाइमिंग पूरी तरह से बिगड़ गई।

आसान कैच और पवेलियन की राह

संजू का शॉट मिड ऑन की दिशा में गया, जहां पहले से मौजूद रचिन रविंद्र ने बिना किसी परेशानी के कैच पकड़ लिया। इस तरह संजू सैमसन महज 5 गेंदों में 6 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। लगातार दूसरे मैच में जल्दी आउट होने से उनकी ओपनिंग पोजीशन पर सवाल खड़े होने लगे हैं।

शुभमन गिल को बाहर बैठाकर संजू सैमसन को ओपनिंग की जिम्मेदारी देना टीम इंडिया का बड़ा फैसला माना जा रहा था। लेकिन लगातार दो मैचों में उनका असफल होना चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट के लिए चिंता का विषय बन सकता है। आने वाले मुकाबलों में यह देखना दिलचस्प होगा कि टीम इंडिया इस संयोजन पर भरोसा बनाए रखती है या फिर बदलाव करती है।