
भारतीय टीम के वर्तमान कोच गौतम गंभीर व पूर्व कोच ग्रेग चैपल (फोटो- सोशल मीडिया)
Team India Head Coach Gautam Gambhir: न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में मिली हार के बाद भारतीय क्रिकेट फैंस का गुस्सा साफ नजर आ रहा है। टीम इंडिया के प्रदर्शन से नाराज फैंस अब हेड कोच गौतम गंभीर को निशाने पर ले रहे हैं। सोशल मीडिया पर गंभीर को हटाने की मांग तेज हो गई है। फैंस का मानना है कि गंभीर की कोचिंग में टीम इंडिया का वनडे और टेस्ट रिकॉर्ड लगातार कमजोर हुआ है, जिसकी वजह से उनकी तुलना भारत के सबसे खराब कोच माने जाने वाले ग्रेग चैपल से की जाने लगी है।
जब भी भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे विवादित और असफल कोच की बात होती है, तो ग्रेग चैपल का नाम सबसे पहले सामने आता है। अब उसी चैपल से गौतम गंभीर की तुलना की जा रही है। खासतौर पर टेस्ट क्रिकेट के आंकड़े इस तुलना को और हवा दे रहे हैं। ग्रेग चैपल की कोचिंग में टीम इंडिया ने कुल 18 टेस्ट मुकाबले खेले थे, जिनमें भारत ने 7 मैच जीते, 4 में हार झेली और 7 मुकाबले ड्रॉ रहे। इस दौरान चैपल का विनिंग प्रतिशत 38.89 रहा था।
अगर गौतम गंभीर के टेस्ट रिकॉर्ड पर नजर डालें तो आंकड़े ज्यादा निराशाजनक दिखाई देते हैं। गंभीर की कोचिंग में टीम इंडिया अब तक 19 टेस्ट मैच खेल चुकी है। इनमें भारत को 7 मैचों में जीत मिली, लेकिन 10 मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा। सिर्फ 2 टेस्ट ड्रॉ रहे। इस तरह गंभीर का विनिंग प्रतिशत 36.82 रहा है, जो चैपल से भी कम है। यही वजह है कि फैंस गंभीर को लेकर सवाल उठा रहे हैं और उनकी रणनीति पर भी उंगली उठ रही है।
What a devastating resume for any coach.💔 A golden era turned into a record-breaking nightmare. Under Gautam Gambhir, India didn’t just lose matches; they rewrote history the wrong way. Home fortresses fell. Records collapsed. Pride shattered.
This isn’t a transition. This is… pic.twitter.com/Y7rkcx1Zf5 — Mr. Athar🏏 (@cricdrugs) January 19, 2026
वनडे क्रिकेट में भी गौतम गंभीर का रिकॉर्ड कुछ खास प्रभावशाली नहीं रहा है। उनके कार्यकाल में टीम इंडिया अब तक 5 वनडे सीरीज खेल चुकी है, जिनमें से 3 सीरीज में भारत को हार मिली है और सिर्फ 2 सीरीज ही टीम जीत पाई है। हालांकि गंभीर की कोचिंग में भारत ने आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी जरूर जीती, जिससे उन्हें थोड़ी राहत मिली है। दूसरी ओर, ग्रेग चैपल के कार्यकाल की शुरुआत अच्छी रही थी, लेकिन 2007 वनडे वर्ल्ड कप में ग्रुप स्टेज से बाहर होने के बाद उनका अध्याय खत्म हो गया था।
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जहां टेस्ट और वनडे में गौतम गंभीर आलोचनाओं के घेरे में हैं, वहीं टी20 फॉर्मेट में उनका रिकॉर्ड काफी मजबूत रहा है। टीम इंडिया ने इस फॉर्मेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है, जिसकी वजह से बीसीसीआई अभी भी गंभीर पर भरोसा बनाए हुए है। हालांकि आने वाला टी20 वर्ल्ड कप 2026 गंभीर के लिए बेहद अहम साबित हो सकता है। इस टूर्नामेंट में टीम इंडिया के प्रदर्शन पर ही गंभीर के भविष्य को लेकर बड़ा फैसला लिया जा सकता है।






