- Hindi News »
- Special Coverage »
- Searching For Metals And Energy In Deep Space
नवभारत विशेष: गहन अंतरिक्ष में धातुओं और ऊर्जा की खोज, अंतरिक्ष के अनसुलझे रहस्य होगे उजागर
Deep Space Exploration: प्रधानमंत्री की मंशा है कि 'डीप स्पेस एक्सप्लोरेशन मिशन' की बड़े स्तर पर तैयारी हो और इससे संबंधित सभी क्षेत्रों में शोध के साथ-साथ प्रायोगिक एवं व्यावहारिक कार्य भी किए जाएं।
- Written By: दीपिका पाल

गहन अंतरिक्ष में धातुओं और ऊर्जा की खोज (सौ. डिजाइन फोटो)
नवभारत डिजिटल डेस्क: गहन अंतरिक्ष अनुसंधान की ओर कदम बढ़ाकर देश ने दूरदर्शिता का परिचय दिया है।मानवता के भविष्य को उन्नत और उज्ज्वल बनाने तथा अंतरिक्ष के अनसुलझे रहस्यों को उजागर करने के लिए यह अनिवार्य है।प्रधानमंत्री की मंशा है कि ‘डीप स्पेस एक्सप्लोरेशन मिशन’ की बड़े स्तर पर तैयारी हो और इससे संबंधित सभी क्षेत्रों में शोध के साथ-साथ प्रायोगिक एवं व्यावहारिक कार्य भी किए जाएं।इसमें इसरो के साथ-साथ निजी कंपनियों, अंतरिक्ष क्षेत्र में काम कर रहे स्टार्टअप्स और विदेशी एजेंसियों का भी यथोचित सहयोग लिया जाए।पृथ्वी पर सोना, प्लैटिनम, निकल, कोबाल्ट जैसी धातुएं लगातार खनन के चलते सीमित मात्रा में शेष रह गई हैं।भविष्य में इनकी मांग और बढ़ेगी, तब इनकी उपलब्धता कठिन होगी।
दूसरी ओर अंतरिक्ष में मौजूद क्षुद्रग्रहों में ये धातुएं प्रचुर मात्रा में पाई जाती हैं।कई क्षुद्रग्रहों की संरचना लगभग पूरी तरह लोहे-निकल अथवा इसी प्रकार की धातुओं से बनी होती है।ऐसे में समझा जा सकता है कि वे पृथ्वी के लिए कितने जीवनदायी सिद्ध हो सकते हैं, बशर्ते हम उन तक पहुंचकर खनन कर सकें।क्षुद्रग्रहों और अन्य पिंडों से खनिज प्राप्त कर पृथ्वी पर बढ़ती आबादी और उद्योगों की आवश्यकताएं पूरी की जा सकती हैं।इस प्रकार, अंतरिक्ष अन्वेषण पृथ्वी के संसाधनों पर दबाव कम करेगा और मानवता को टिकाऊ विकल्प प्रदान करेगा।इन उद्देश्यों की पूर्ति के लिए डीप स्पेस एक्सप्लोरेशन आवश्यक है।क्षुद्रग्रहों का पता लगाने, वहां पहुंचने, खनन करने और संसाधन लाने के लिए लंबी दूरी तक जाने वाली तकनीक चाहिए।
सम्बंधित ख़बरें
26 अप्रैल का इतिहास : अमेरिका का पहला अंतरिक्ष यान चंद्रमा की सतह पर उतरा
NASA Rover की तस्वीरों में मंगल पर दिखे कीड़े, लाल ग्रह पर जीवन को लेकर छिड़ी नई बहस
धरती पर सुरक्षित लौटा NASA का Artemis 2 मिशन, 10 दिनों तक चांद पर किया रिर्सच, प्रशांत महासागर में हुई लैंडिंग
टूट गया 56 साल पुराना रिकॉर्ड! NASA के Artemis II ने रचा इतिहास, चांद के सबसे करीब पहुंचे इंसान
यही नहीं, अंतरिक्ष या अन्य ग्रहों पर जीवन खोजने, अथवा चांद और मंगल पर कुछ समय तक निवास हेतु आवश्यक तकनीक विकसित करने के लिए भी गहन अंतरिक्ष का अध्ययन अपरिहार्य है।आज पृथ्वी ऊर्जा संकट, जल संकट और खनिज संसाधनों की कमी का सामना कर रही है।यह अध्ययन इन समस्याओं के स्थाई समाधान में सहायक होगा।चंद्रमा पर हीलियम-3 नामक तत्व बहुतायत में उपलब्ध है, जो भविष्य में नाभिकीय संलयन हेतु ऊर्जा का मुख्य आधार बन सकता है.विभिन्न स्पेस एजेंसियां सक्रियः चंद्रमा पर प्रसंस्कृत यह ऊर्जा, यदि पृथ्वी पर पहुंच सके, तो यह असीमित और पूरी तरह स्वच्छ ऊर्जा का स्रोत सिद्ध होगी।
ये भी पढ़ें– नवभारत विशेष के लेख पढ़ने के लिए क्लिक करें
अंतरिक्ष आधारित सौर ऊर्जा संग्रह प्रणाली विकसित हो जाने के बाद पृथ्वी को प्रदूषणमुक्त ऊर्जा उपलब्ध होगी।इसी प्रकार, चंद्रमा और मंगल पर मौजूद बर्फ के भंडार से जल को ईंधन और ऊर्जा में परिवर्तित कर उसका दोहरा उपयोग संभव होगा।इस प्रकार, गहन अंतरिक्ष अन्वेषण से धातुएं, खनिज और जल प्राप्त कर पृथ्वी के संसाधनों की भारी बचत हो सकती है।अमेरिका, जापान, चीन और यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसियां इस दिशा में सक्रिय हैं।अमेरिका और जापान दो वर्ष पहले क्षुद्रग्रहों से नमूने लाने में सफल हो चुके हैं।नासा मंगल की मिट्टी-पत्थर का अध्ययन कर नमूने लाने की तैयारी में है और उसका एक मिशन बृहस्पति के वातावरण तथा चुंबकीय क्षेत्र का अध्ययन कर रहा है।आर्टेमिस कार्यक्रम के अंतर्गत नासा 2030 तक चंद्रमा पर मानवीय बेस स्थापित करने की योजना बना रहा है।
लेख- संजय श्रीवास्तव के द्वारा
Searching for metals and energy in deep space
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
Topics:
लेटेस्ट न्यूज़
Aaj Ka Rashifal: सोमवार को मकर और वृश्चिक राशि वालों को होगा बंपर लाभ, जानिए सभी 12 राशियों का आज का भाग्यफल
May 18, 2026 | 12:10 AMIPL 2026: राजधानी में DC की बादशाहत, राजस्थान रॉयल्स को 5 विकेट से चटाई धूल, अक्षर पटेल ने खेली कप्तानी पारी
May 17, 2026 | 11:34 PMइंडोनेशिया में फिर फटा ज्वालामुखी, आसमान में 5,000 मीटर ऊपर तक उड़ा राख का गुबार; हाई अलर्ट जारी
May 17, 2026 | 10:57 PMकोलकाता के पार्क सर्कस में भड़की हिंसा, प्रदर्शनकारियों के पथराव में 3 पुलिस घायल; मौके पर सुरक्षाबल तैनात
May 17, 2026 | 10:55 PMअभिनेत्री उषा चव्हाण के जमीन विवाद में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की बड़ी एंट्री, TDR ट्रांजैक्शन पर लगाई रोक
May 17, 2026 | 10:55 PMऋषभ पंत पर गिरेगी गाज! सिलेक्शन कमेटी लेने जा रही बड़ा फैसला, टेस्ट टीम में इस बड़ी जिम्मेदारी से होगी छुट्टी?
May 17, 2026 | 10:23 PMस्वीडन ने PM मोदी को सर्वोच्च सम्मान से नवाजा, प्रधानमंत्री के खाते में दर्ज हुआ 31वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान
May 17, 2026 | 10:21 PMवीडियो गैलरी

लखनऊ में भारी बवाल, वकीलों के अवैध चैंबरों पर गरजा प्रशासन का बुलडोजर, पुलिस ने की लाठीचार्ज, देखें VIDEO
May 17, 2026 | 01:25 PM
शिक्षामंत्री फुंकवाते हैं और स्वास्थ्य मंत्री…बिहार सरकार पर तेजस्वी का तंज, बोले- सरकार ने जनता को ठगा
May 17, 2026 | 01:09 PM
आग का गोला बनी राजधनी एक्सप्रेस! थर्ड AC और SLR कोच जलकर खाक, देखें कैसे बची 68 यात्रियों की जान- VIDEO
May 17, 2026 | 12:54 PM
मेरे लिए बेहद लकी है गोवा…अरविंद केजरीवाल ने बताया कैसे गोवा पहुंचते ही पलट गई शराब घोटाले की बाजी! VIDEO
May 17, 2026 | 12:17 PM
16 मई को ठप हो जाएगी दिल्ली-मुंबई? डिलीवरी बॉय और कैब ड्राइवरों का फूटा गुस्सा, देशव्यापी बंद का ऐलान
May 16, 2026 | 01:25 PM
उनकी पूरी जिंदगी अदालतों के…ममता बनर्जी पर भाजपा नेता का तीखे वार, बोले- चुनावी हिंसा की पुरानी परंपरा बदली
May 16, 2026 | 01:06 PM














