श्रम विभाग के प्रस्ताव पर फूटा नासिक के मिल कर्मचारियों का गुस्सा, हर दिन करना होगा 9-10 घंटे काम

Nashik News: हाल ही में राज्य सरकार श्रम विभाग अधिनियम, 2027 में 5 बड़े बदलाव होने जा रहे हैं। इन बदलावों का सीधा असर प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले लाखों कर्मचारियों पर पड़ने वाला है।
Nashik News: हाल ही में राज्य सरकार श्रम विभाग अधिनियम, 2027 में 5 बड़े बदलाव होने जा रहे हैं। इन बदलावों का सीधा असर प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले लाखों कर्मचारियों पर पड़ने वाला है।
कपड़ा मिल में काम करने वाले कर्मचारी (सौ. सोशल मीडिया )
Updated on

Nashik News In Hindi: राज्य सरकार श्रम विभाग अधिनियम, 2027 में पांच बड़े बदलाव करने की तैयारी कर रही है, जो सीधे तौर पर लाखों कर्मचारियों के काम करने के तरीके को प्रभावित करेंगे। इन प्रस्तावित संशोधनों में सबसे महत्वपूर्ण बदलाव प्रतिदिन काम के घंटे को 9 से बढ़ाकर 10 घंटे करना है, जिसका सीधा असर निजी क्षेत्र में काम करने वाले सभी कर्मचारियों पर होगा।

इस कदम को सरकार द्वारा औद्योगिक विकास और उत्पादकता बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा निर्णय माना जा रहा है। प्रस्तावित बदलाव के अनुसार, काम के घंटों में वृद्धि के साथ-साथ आराम के समय में भी परिवर्तन किया गया है।

5 घंटे काम के बाद मिलता था ब्रेक

वर्तमान में कर्मचारियों को लगातार 5 घंटे काम करने के बाद आधे घंटे का अनिवार्य आराम मिलता है, लेकिन अब यह सुविधा केवल लगातार 6 घंटे करने के केवल लगातार 6 घंटे काम करने के बाद अवधि को भी तीन महीने में 125 घंटे से बढ़ाकर 144 घंटे करने का प्रस्ताव है। इस बदलाव से कर्मचारियों को ओवरटाइम काम करने के लिए अधिक समय सकेगा, हालांकि इससे काम का दबाव भी बढ़ सकता है।

कुछ सेवाओं में काम असीमित

प्रस्तावित बदलाव में सबसे खास और बहस का विषय बनने वाला बिंदु यह है कि अत्यावश्यक कार्यों के लिए प्रतिदिन 12 घंटे की अधिकतम सीमा को हटाने का भी प्रस्ताव है। इसका सीधा अर्थ है कि बिजली, पानी, परिवहन या अन्य आवश्यक सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों के लिए काम के घंटों की कोई अधिकतम सीमा नहीं होगी। इस प्रावधान से कुछ क्षेत्रों में कर्मचारियों पर काम का बोझ बेतहाशा बढ़ सकता है, जिससे उनके स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर चिंताएं भी उठ सकती हैं।

Navbharat Live
navbharatlive.com