-
शनि, 27 जून 2026 ई-पेपर
- Hindi News »
- Special Coverage »
- Bihar Elections Are Full Of Promises Of Freebies
संपादकीय: बिहार चुनाव में खैराती वादों की भरमार…
- Written By: आंचल लोखंडे
Bihar Elections: नेतागण अपने वादों से जनता की उम्मीदें बहुत बढ़ा देते हैं लेकिन पूरी नहीं कर पाते।मुफ्त रेवड़ी बांटने की संस्कृति हर राज्य में पनपने लगी है लेकिन इससे न तो विकास होता है, न समस्याएं।

बिहार चुनाव में खैराती वादों की भरमार... (सौजन्यः सोशल मीडिया)
नवभारत डिजिटल डेस्क: चुनाव को लोकतंत्र का पर्व माना जाता है जिसमें नागरिक उत्साहपूर्वक अपने मताधिकार का प्रयोग करते हैं लेकिन विगत कुछ दशकों से चुनाव वोटों की खरीद-फरोख्त के रूप में बदल गए हैं जिनमें लुभावनी योजनाओं व घोषणाओं के माध्यम से सरकारी खजाने का धन दांव पर लगा दिया जाता है।बिहार में राजनीतिक पार्टियों ने लगभग 8 लाख करोड़ रुपए वार्षिक से भी अधिक रकम किसी न किसी रूप में जनता को देने के वादे किए हैं।यह राशि बिहार के सालाना बजट से 3 गुना अधिक है।सत्तारूढ़ एनडीए तथा विपक्षी महागठबंधन ने नकद रकम से लेकर सरकारी नौकरियां देने तक के वादे किए हैं।अर्थशात्रिरयों को आश्चर्य है कि ये दल अपना वादा पूरा करने के लिए धन लाएंगे कहां से? मुफ्त की रेविड़यां बांटने का वादा सरकारी कोष खाली करने से ही पूरा हो पाएगा।
बिहार पर कुल 2.85 लाख करोड़ रुपए का कर्ज बकाया है।प्रति व्यक्ति कर्ज की राशि 21,773 रुपए है।कर्ज का ब्याज अदा करने के लिए ही हर साल 23,000 करोड़ रुपए का खर्च सरकार को उठाना पड़ता है।राज्य का वित्तीय घाटा 29,000 करोड़ रुपए है।बिहार की 7 प्रतिशत आबादी प्रवासी मजदूरों के रूप में अन्य राज्यों में जाकर काम करती है।इनमें से अधिकांश रोजंदारी श्रमिक हैं।वह भी चुनाव पर असर डाल सकते हैं।बिहार की बिगड़ी अर्थव्यवस्था को नवजीवन देने का वादा एनडीए और महागठबंधन दोनों ने किया है लेकिन इसके लिए कोई रोडमैप पेश नहीं किया।जो भी सरकार सत्ता में आए उस पर आधारभूत ढांचा तैयार करने, शिक्षा, स्वास्थ्य, आर्थिक विकास तथा कानून का शासन प्रदान करने की जिम्मेदारी रहती है।
ये भी पढ़े: संपादकीय: सहयोगी दलों को बैसाखी कहना कितना उचित!
सम्बंधित ख़बरें
Bharat Tiwari Encounter केस में पुलिस कॉन्सटेबल सस्पेंड, खुद को बताया था भरत तिवारी का भाई
27 जून का इतिहास: आज ही के दिन लिया गया था तीन मूर्ति भवन को संग्रहालय बनाने का फैसला
नवभारत संपादकीय: शादी के कार्ड पर जन्मतिथि अनिवार्य? क्या इससे रुक पाएंगे बाल विवाह
Navabharat Nishanebaaz: विजय जानना चाहते स्टालिन का पता, उदयनिधि से पूछा-कहां हैं तुम्हारे पिता
नेतागण अपने वादों से जनता की उम्मीदें बहुत बढ़ा देते हैं लेकिन पूरी नहीं कर पाते।जैसे ही नई सरकार बनती है, लोग चाहते हैं कि वह अपने चुनावी वादे जल्दी से जल्दी पूरा करे।मुफ्त रेवड़ी बांटने की संस्कृति हर राज्य में पनपने लगी है लेकिन इससे न तो विकास होता है, न समस्याएं हल होती हैं बल्कि अर्थव्यवस्था खोखली होती चली जाती है।बिहार की समस्याएं कम नहीं हैं।वहां, गरीबी, अपराध, कमजोर शिक्षा व्यवस्था, पिछड़ापन जैसी चुनौतियां हैं।शहरीकरण व औद्योगिकरण बेहद कम है।बिहार का आम व्यक्ति पॉवर की चाहत रखता है।वहां या तो युवा राजनीति में रुचि लेते हैं या फिर दिल्ली जाकर प्रतिस्पर्धात्मक परीक्षा की तैयारी करते हैं।अधिकांश आईएएस, आईपीएस अफसर बिहार से आते हैं।जो गरीब तबके के लोग हैं वह फिरौती और वसूली वाले अपराधी गिरोहों से जुड़ जाते हैं।प्रति वर्ष राज्य का बड़ा क्षेत्र बाढ़ से प्रभावित हो जाता है।इन सारी समस्याओं का समाधान उचित नीतियों व नियोजन से संभव है।खैरात बांटने से स्थिति नहीं सुधरनेवाली !
लेख-चंद्रमोहन द्विवेदी के द्वारा
Bihar elections are full of promises of freebies
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
Topics:
लेटेस्ट न्यूज़
Breaking News: महाराष्ट्र TET परीक्षा स्थगित, पेपर लीक की आशंका के बाद शिक्षण विभाग का बड़ा फैसला
Jun 27, 2026 | 01:18 PMलोकतंत्र सेनानियों का सम्मान: मुख्यमंत्री मोहन यादव ने की घोषणाएं, इलाज से लेकर तीर्थ दर्शन तक मिलेगी सुविधाएं
Jun 27, 2026 | 01:12 PMपाकिस्तान की अर्थव्यवस्था वेंटिलेटर पर! कर्ज बढ़कर हुआ 81.9 ट्रिलियन, कैसे देश बचाएंगे पीएम शहबाज शरीफ?
Jun 27, 2026 | 01:04 PMPMRDA के तहसील कार्यालयों की बदहाली उजागर, न सुविधाएं न अधिकारी; नागरिकों को मुख्यालय के लगाने पड़ रहे चक्कर
Jun 27, 2026 | 12:53 PMइंदौर के खजराना में मामूली विवाद में चाकूबाजी, CCTV में कैद हुई वारदात, पुलिस ने निकाला आरोपी का जुलूस
Jun 27, 2026 | 12:50 PMमहाराष्ट्र में रोज 6 किसान दे रहे जान; रोहित पवार ने कर्जमाफी पर सरकार को घेरा, उद्धव ठाकरे पर कही ये बात
Jun 27, 2026 | 12:46 PMतमिलनाडु में महाजाम का हाहाकार! कावेरी ब्रिज बंद होने से थमी गाड़ियों की रफ्तार, हाईवे पर फूटा जनता का गुस्सा
Jun 27, 2026 | 12:46 PMवीडियो गैलरी

पासपोर्ट धारक भी भारतीय नहीं? MEA के इस नए स्पष्टीकरण के बाद क्यों छिड़ी बहस, जानिए असली कानून- VIDEO
Jun 26, 2026 | 10:53 PM
केंद्रीय कर्मचारियों की लग गई लॉटरी! फिटमेंट फैक्टर पर क्या है नया अपडेट, कितनी बढ़ेगी आपकी बेसिक सैलरी?
Jun 26, 2026 | 10:31 PM
होर्मुज में ड्रोन हमला! Iran की चेतावनी के बाद अब क्या करेगा America?, Video
Jun 26, 2026 | 05:08 PM
मायावती ने पाला, अखिलेश ने निकाला और अब सीएम योगी ने दी बड़ी जिम्मेदारी, भाजपा में उपाध्यक्ष बनीं पूजा पाल
Jun 26, 2026 | 02:17 PM
भूकंप आने से पहले क्यों अजीब हरकतें करते हैं जानवर? जानिए इसके पीछे का वो विज्ञान जो इंसान नहीं देख पाते!
Jun 25, 2026 | 10:53 PM
ट्रंप और JD वेंस की सीक्रेट मीटिंग की इनसाइड स्टोरी, जिसमें सऊदी अरब-भारत को लेकर बना था बड़ा प्लान- VIDEO
Jun 25, 2026 | 10:34 PM














