संपादकीय: पाकिस्तान को अमेरिकी सैनिक सहायता क्यों?

Donald Trump Pakistan Military Aid: अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा पाकिस्तान को 686 मिलियन डॉलर की सैन्य मदद से दक्षिण एशिया में अस्थिरता बढ़ेगी। यह सहायता भारत विरोधी ताकतों को मजबूत करेगी।
Donald Trump Pakistan Military Aid
आसिम मुनीर व डोनाल्ड ट्रंप (डिजाइन फोटो)
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Trump Anti India Policy: अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप भारतीय उपमहाद्वीप में अस्थिरता और अशांति चाहते हैं तभी तो वह पाकिस्तान को 686 मिलियन डॉलर की सैन्य सहायता देने जा रहे हैं। उनका कहना है कि यह मदद आतंकवादी कार्रवाइयों से निपटने के लिए दी जा रही है। इसके साथ अमेरिकी और पाकिस्तानी सेनाएं संयुक्त युद्धाभ्यास भी करेंगी।

अमेरिका की रक्षा सहयोग एजेंसी (डीएससीए) का कहना है कि अमेरिका की सुरक्षा के लिए एफ-16 लड़ाकू विमानों की बिक्री आवश्यक है। वह पाकिस्तान वायुसेना के बेड़े में मौजूद एफ-16 विमानों का आधुनिकीकरण करेगा। ट्रंप पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसिम मुनीर की हर तरह से मदद करना चाहते हैं। अमेरिका व चीन एक-दूसरे को नापसंद करते हैं लेकिन दोनों ही देश पाकिस्तान की अधिक से अधिक मदद करना चाहते हैं। दोनों को पता है कि पाकिस्तान अपनी सैन्य शक्ति का इस्तेमाल हमेशा की तरह भारत के खिलाफ करेगा। चीन ने तो ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अपने ड्रोन और मिसाइलों की क्षमता का परीक्षण पाकिस्तान के जरिए कराया था।

ट्रंप ने दूसरी टर्म में अपनाया अलग रवैया

इस वर्ष जनवरी में जब से डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी दूसरी टर्म का कार्यभार संभाला है, सभी को लग रहा था कि वह अपने पहले कार्यकाल (2016-2020) के समान ही नीतियां अपनाएंगे परंतु इस बार उनका रवैया बिल्कुल अलग है। उनकी राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति (एनएसएस) में कहा गया है कि पश्चिमी गोलार्ध में अमेरिका फिर अपने वर्चस्व को स्थापित करेगा। दक्षिण अमेरिका इन देशों के प्रति कड़ा रूख रखेगा। प्रशांत महासागर क्षेत्र में किसी बड़ी लड़ाई में उलझने की बजाय अमेरिका चाहेगा कि क्वाड संगठन के बाकी देश भारत, ऑस्ट्रेलिया और जापान सामूहिक सुरक्षा की जिम्मेदारी लें।

ट्रंप ने चीन को प्रमुख आर्थिक प्रतिद्वंद्वी बताया है, जो सस्ते माल का निर्यात करता है और अमेरिकी हितों को नुकसान पहुंचाता है। जहां तक पाकिस्तान को फौजी सहायता देने की बात है, उससे क्षेत्र में अशांति ही फैलेगी। पाकिस्तान को आतंक से लड़ने के नाम पर मदद देने वाले ट्रंप क्या इतना नहीं समझते कि पाकिस्तान खुद आतंकवाद की सबसे बड़ी फैक्ट्री है। भारत पर आतंकी हमले करने वाले संगठनों और उनके सरगनाओं को वही पालता-पोसता है। लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिदीन को पाकिस्तान की फौज और खुफिया एजेंसी आईएसआई ने ही तैयार किया है। भारत समृद्ध और ताकतवर न हो जाए इसलिए अमेरिका पाकिस्तान को बढ़ावा दे रहा है।

लेख-चंद्रमोहन द्विवेदी के द्वारा

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