कोस्टा रिका में लॉरा फर्नांडीज की बड़ी जीत, ड्रग्स और हिंसा के खिलाफ 'बुकेले' मॉडल से लड़ेंगी जंग

Laura Fernandez: कोस्टा रिका के राष्ट्रपति चुनाव में लॉरा फर्नांडीज ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। उन्होंने ड्रग तस्करी और बढ़ती हिंसा को खत्म करने के लिए सख्त सुरक्षा उपायों का वादा किया है।
Laura Fernández scores a major victory in Costa Rica, vowing to fight drugs and violence with the 'Bukele' model.
लॉरा फर्नांडीज, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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Laura Fernandez Wins Costa Rica Election News In Hindi: कोस्टा रिका में हुए हालिया राष्ट्रपति चुनाव में सोवरेन पीपुल्स पार्टी की उम्मीदवार लॉरा फर्नांडीज ने शानदार जीत हासिल की है। इस जीत के साथ ही लैटिन अमेरिका में दक्षिणपंथी विचारधारा की लहर और भी मजबूत हो गई है। 39 वर्षीय फर्नांडीज ने कोकीन व्यापार से जुड़ी बढ़ती हिंसा को क्रूरता से कुचलने के वादे पर यह चुनाव एकतरफा बहुमत से जीता है।

सोमवार को जारी परिणामों के अनुसार, 94% मतदान केंद्रों की गिनती के बाद फर्नांडीज ने 48.3% वोट हासिल किए जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी अल्वारो रामोस को केवल 33.4% वोट मिले। कोस्टा रिका के नियमों के अनुसार, रन-ऑफ से बचने के लिए 40% वोटों की आवश्यकता होती है जिसे फर्नांडीज ने आसानी से पार कर लिया।

हिंसा और ड्रग्स के खिलाफ 'आयरन फिस्ट' नीति

कोस्टा रिका को लंबे समय से मध्य अमेरिका में शांति और स्थिरता का जगह माना जाता था लेकिन हाल के वर्षों में वैश्विक ड्रग व्यापार का एक प्रमुख लॉजिस्टिक्स हब बन गया है। मैक्सिकन और कोलंबियाई कार्टेल के स्थानीय समुदायों में घुसपैठ के कारण पिछले छह वर्षों में हत्या की दर 50% बढ़ी। जो प्रति 100,000 निवासियों पर 17 तक पहुंच गई है। इसी संकट से निपटने के लिए फर्नांडीज ने अल साल्वाडोर के राष्ट्रपति नायब बुकेले की तर्ज पर नीति अपनाने का संकल्प लिया है। उन्होंने बुकेले के 'आतंकवाद कारावास केंद्र' की तरह एक अधिकतम सुरक्षा वाली जेल बनाने और अपराध से सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में आपातकाल लागू करने का वादा किया है।

रोड्रिगो चावेस की विरासत और राजनीतिक प्रभाव

लॉरा फर्नांडीज को निवर्तमान राष्ट्रपति रोड्रिगो चावेस की राजनीतिक उत्तराधिकारी और शिष्या माना जाता है। चावेस ने ही उन्हें योजना मंत्री और चीफ ऑफ स्टाफ के रूप में नियुक्त कर राजनीति के मुख्य मंच पर लाया था। अपनी जीत के बाद फर्नांडीज ने चावेस के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि उनकी विरासत अब सुरक्षित हाथों में है।

हालांकि, आलोचकों को डर है कि फर्नांडीज संविधान में बदलाव कर सकती हैं ताकि चावेस फिर से राष्ट्रपति बन सकें जो वर्तमान में संवैधानिक रूप से आठ साल के लिए प्रतिबंधित है। नोबेल शांति पुरस्कार विजेता ऑस्कर आरियास ने भी चेतावनी दी है कि लोकतंत्र का अस्तित्व दांव पर है।

लैटिन अमेरिका का दक्षिणपंथ की ओर झुकाव

फर्नांडीज की यह जीत चिली, बोलीविया, अर्जेंटीना और होंडुरास के बाद लैटिन अमेरिका में दक्षिणपंथ के बढ़ते प्रभाव की पुष्टि करती है। भ्रष्टाचार और अपराध के खिलाफ जनता के गुस्से ने रूढ़िवादी नेताओं को सत्ता तक पहुंचाया है। फर्नांडीज ने भरोसा दिलाया है कि उनके नेतृत्व में न तो तानाशाही होगी और न ही साम्यवाद। वह देश को आर्थिक विकास और स्वतंत्रता के पथ पर निरंतर आगे ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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