- Hindi News »
- Religion »
- Why Is Pumpkin Rice Prasad The Most Special During Chhath Puja
छठ पूजा में कद्दू भात का प्रसाद क्यों है सबसे खास, जानिए ‘नहाए खाय’ के विशेष नियम
Chhath Puja :आज 25 अक्टूबर से सूर्योपासना का महापर्व छठ नहाय-खाय के साथ शुरू हो गया है। इस दिन व्रती एक विशेष प्रकार का सात्विक भोजन ग्रहण करते हैं, जिसमें ‘कद्दू भात’ कहा जाता है।
- Written By: सीमा कुमारी

क्या हैं नहाय-खाय से जुड़े नियम (सौ.सोशल मीडिया)
Chhath Puja Nahay Khay 2025: आज 25 अक्टूबर से सूर्योपासना का महापर्व छठ नहाय-खाय के साथ शुरू हो गया है। चार दिनों तक चलने वाले अनुष्ठान अत्यंत पवित्रता, अनुशासन और आस्था का प्रतीक माना जाता है। छठ पर्व की शुरुआत का यह पहला दिन न केवल शारीरिक शुद्धि, बल्कि मानसिक तैयारी के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
इस दिन व्रती एक विशेष प्रकार का सात्विक भोजन ग्रहण करते हैं, जिसमें ‘कद्दू भात’ कहा जाता है। ऐसे में आइए, जानते हैं नहाय-खाय का महत्व, कद्दू-भात के प्रसाद की विशेषता और इस दिन के महत्वपूर्ण नियम।
सूर्य उपासना महापर्व की शुरुआत
लोक मान्यताओं के अनुसार, छठ महापर्व की शुरुआत नहाय-खाय के साथ शुरू होती है। छठ व्रत में सूर्य देव और छठी मैया की पूजा की जाती है, जो ऊर्जा, जीवन और संतान सुख के प्रतीक है। इस दिन से ही व्रती अपने मन, वचन और कर्म को पूर्णतः पवित्र रखने का संकल्प लेते है।
सम्बंधित ख़बरें
बहनें आज भूल से ये गलती न करें, शाम को इस दिशा में यमराज के नाम दीपक जरूर जलाएं
भाई दूज पर तिलक से पहले पढ़ें यमराज-यमुना की पावन कथा, तभी मिलता है पूरा फल
आज मनाई जा रही है ‘होली भाई दूज’, जानिए यमराज का क्या है इस दिन से संबंध
Holi Bhai Dooj 2026: इस भाई दूज पर भेजें ये 10 दिल छू लेने वाले संदेश, आंखों में आ जाएंगे खुशी के आंसू!
क्या हैं नहाय-खाय से जुड़े नियम
‘नहाय-खाय’ का अर्थ है, स्नान करके भोजन ग्रहण करना। यह दिन छठ महापर्व के 36 घंटे के निर्जला व्रत की नींव रखता है।
शुद्धि और संकल्प
नहाय-खाय के दिन व्रती सूर्योदय से पहले उठकर गंगा या किसी पवित्र नदी में स्नान करते है अगर यह संभव न हो तो घर पर ही नहाने के जल में गंगाजल मिलाकर स्नान किया जाता है। स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण कर व्रती छठ पूजा का संकल्प लेते है। यह स्नान शरीर और मन को पवित्र कर व्रत के लिए तैयार करता है।
घर की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान
इस दिन पूरे घर और रसोई की साफ-सफाई की जाती है, क्योंकि छठ पूजा में पवित्रता का सबसे अधिक महत्व है। प्रसाद बनाने के लिए भी नए या एकदम साफ बर्तनों का ही उपयोग किया जाता है।
सात्विक भोजन
इस दिन व्रती बिना लहसुन प्याज के सात्विक भोजन ग्रहण करते हैं।
छठ महापर्व में कद्दू भात का प्रसाद क्यों है इतना महत्व
आपको बता दें, नहाय-खाय के दिन जो सात्विक भोजन बनाया जाता है, उसे ‘कद्दू-भात’ या ‘लौकी-भात’ कहा जाता है। इसमें मुख्य रूप से अरवा चावल, चने की दाल और कद्दू यानी, लौकी की सब्जी होती है।
इस सात्विक भोजन को बिना लहसुन और प्याज के शुद्ध घी या सरसों के तेल और सेंधा नमक में बनाया जाता है। इसे सबसे शुद्ध और पवित्र भोजन माना जाता है। छठ पर्व की शुरुआत सात्विकता से करने के लिए यह सर्वश्रेष्ठ है।
व्रत के लिए तैयारी
छठ महापर्व में कद्दू को इसलिए शामिल किया जाता हैं। क्योंकि, कद्दू एक ऐसी सब्जी है जिसमें भरपूर मात्रा पानी होती है। चार दिन के कठिन व्रत, व्रती 36 घंटे का निर्जला उपवास करती है। कहा जाता है कि व्रती पहले कद्दू का सेवन करके अपने आप को ऊर्जावान बनाकर 36 घंटे का निर्जला उपवास करती है। कद्दू शरीर को पर्याप्त पानी, ऊर्जा और पोषक तत्व प्रदान करता है, जिससे शरीर लंबे उपवास के लिए तैयार हो जाता है।
ये भी पढ़ें- छठ पूजा में इन बातों का ज़रूर रखें ध्यान, वरना खंडित हो सकता है व्रत
परंपरा और मान्यता
अगर लोक मान्यताओं की बात करें तो कद्दू को बहुत ही पवित्र फल माना गया है। इसलिए छठ पूजा में शुद्धता और स्वास्थ्य के संतुलन को बनाए रखने के लिए इस पारंपरिक प्रसाद को विशेष महत्व दिया जाता है।
Why is pumpkin rice prasad the most special during chhath puja
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
Topics:
लेटेस्ट न्यूज़
अंबरनाथ नपा की पहली आमसभा बवाल, बहुमत के दम पर शिवसेना ने भाजपा के विकास प्रस्तावों पर लगाया ‘ब्रेक’
Mar 14, 2026 | 07:54 PMईरान के स्पेस रिसर्च सेंटर पर इजरायल का भीषण प्रहार, मिलिट्री सैटेलाइट और खुफिया लैब पूरी तरह तबाह
Mar 14, 2026 | 07:54 PMBJP ने खोज निकाली ‘PDA’ की काट…2027 चुनाव में लगेगी सपा की वॉट! अखिलेश यादव निकालेंगे ‘भाजपाई’ दांव का तोड़?
Mar 14, 2026 | 07:49 PMIPL 2026: दिल्ली कैपिटल्स की बढ़ी टेंशन, इंग्लैंड के इस दिग्गज ने ऐन मौके पर छोड़ा टीम का साथ
Mar 14, 2026 | 07:47 PMइंतजार हुआ खत्म: नागपुर पुलिस की नई पहल, एआई से अब 2–4 मिनट में दर्ज हो रही शिकायत
Mar 14, 2026 | 07:42 PMविश्व किडनी दिवस: CR नागपुर में जागरूकता कार्यक्रम, 146 रेलकर्मियों ने सीखे किडनी स्वास्थ्य के टिप्स
Mar 14, 2026 | 07:39 PMबंगाल चुनाव में बाजी मारेगी भाजपा? ममता को मात देने का ‘मास्टरप्लान’ तैयार, केरलम में भी काम करेगी यही रणनीति!
Mar 14, 2026 | 07:13 PMवीडियो गैलरी

‘गैस की कमी नहीं’ या ‘लाइनों में लाठीचार्ज’? हरदीप पुरी के दावे और विपक्ष के तीखे वार से सुलगी सियासत
Mar 14, 2026 | 02:01 PM
तरुण हत्याकांड से दहला दिल्ली: VHP-बजरंग दल का ‘प्रचंड’ प्रदर्शन, विनोद बंसल की पुलिस को दो टूक चेतावनी
Mar 14, 2026 | 01:44 PM
ट्रेन में मां-बेटी का हाई वोल्टेज ड्रामा! सीट के लिए यात्री को पीटा, फिर स्टेशन पर परिवार बुलाकर रुकवाई ट्रेन
Mar 13, 2026 | 09:48 PM
पेट्रोलियम मंत्री पर राहुल गांधी के संगीन आरोप, एपस्टीन फाइल और जॉर्ज सोरोस का जिक्र कर सरकार को घेरा- VIDEO
Mar 13, 2026 | 09:28 PM
हैदराबाद में पोस्टर पॉलिटिक्स, माधवी लता ने फाड़े ओवैसी की इफ्तार पार्टी के बैनर; शुरू हुआ घमासान- VIDEO
Mar 13, 2026 | 09:22 PM
जंग के बीच क्यों चर्चा में है ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’? जानें दुनिया की इस लाइफलाइन का पूरा इतिहास- VIDEO
Mar 13, 2026 | 09:16 PM













