किन महिलाओं जितिया व्रत करने से करना चाहिए परहेज़, वजह भी जानिए

Jitiya Vrat: जाहिर सी बात है कि हर धार्मिक त्यौहार की तरह इस जितिया व्रत के भी कुछ नियम होते हैं। सबसे पहला तो यही कि कौन सी महिलाएं इस व्रत को रख सकती हैं और कौन नहीं। तो आइए जानते हैं इस बारे में।
किन महिलाओं जितिया व्रत करने से करना चाहिए परहेज़, वजह भी जानिए
किन महिलाओं को जितिया व्रत नहीं रखना चाहिए (सौ.सोशल मीडिया)
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Jitiya Vrat 2025: रविवार 14 सितंबर को जितिया, यानी जीवित्पुत्रिका व्रत रखा जाएगा। यह व्रत हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखता है। खासतौर से यह पर्व बिहार, उत्तर प्रदेश और झारखंड में बहुत ही श्रद्धा भक्ति और उल्लास के साथ मनाया जाता मनाया जाता है। इस दिन हिन्दू माताएं अपनी संतान की लंबी आयु और खुशहाली की कामना करते हुए पूजा-पाठ करती हैं। नहाए-खाय से शुरू हुआ ये पर्व पूरे तीन दिन चलता है। इस दौरान बहुत ही कठिन निर्जला व्रत रखा जाता है।

जाहिर सी बात है कि हर धार्मिक त्यौहार की तरह इस जितिया व्रत के भी कुछ नियम होते हैं। सबसे पहला तो यही कि कौन सी महिलाएं इस व्रत को रख सकती हैं और कौन नहीं। तो आइए जानते हैं किन महिलाओं को जितिया व्रत नहीं रखना चाहिए।

किन महिलाओं को जितिया व्रत नहीं रखना चाहिए:

गर्भवती महिलाएं

जितिया व्रत हिन्दू धर्म में सबसे कठिन व्रतों में एक माना जाता है। क्योंकि इसमें हिन्दू माताएं अन्न-जल तक ग्रहण नहीं करतीं। अगर आप गर्भवती महिला है तो आपको इस व्रत को नहीं रखने की सलाह दी जाती है। दरअसल, ये काफी कठिन व्रत होता है और गर्भावस्था के दौरान इस तरह के व्रत हेल्थ के लिहाज से ठीक नहीं होते हैं। अगर आपको व्रत रखना ही है, तो डॉक्टर की सलाह से थोड़े आसान नियमों के साथ व्रत कर सकती हैं।

निसंतान महिलाएं

जैसा कि आप जानते हैं कि जितिया व्रत मुख्य रूप से संतान की लंबी आयु और सुख-समृद्धि के लिए रखा जाता है। इसलिए परंपरा के अनुसार, जिन महिलाओं की संतान नहीं है, उन्हें यह व्रत नहीं करना चाहिए। हालांकि, कुछ जगहों पर मान्यता है कि निसंतान महिला भी व्रत रख सकती है ताकि उन्हें संतान सुख प्राप्त हो।

स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां

कहा जाता है कि, जिन महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां बनी रहती हैं, उन्हें भी सोच-समझकर ही जितिया व्रत रखना चाहिए। इसका निर्जला उपवास आपके लिए और परेशानी खड़ी कर सकता है।

खासतौर से अगर आपको दवाइयां लेनी पड़ती हैं, तो खाना-पानी छोड़ना मुश्किल हो सकता है। अगर आपको डायबिटीज, लो बीपी, हार्ट संबंधी परेशानियां हैं, तो हर केस में डॉक्टर की सलाह ले कर ही इतना कठिन व्रत रखें।

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