छठ महापर्व शनिवार से शुरू, जानिए पहले से चौथे दिन किन-किन पकवानों से होती है पूजा

Chhath Puja: चार दिनों तक चलने वाले इस कठिन व्रत में शुद्धता और पवित्रता का विशेष ध्यान रखा जाता है। इन चारों दिनों में छठी मैया और सूर्य देव को अलग-अलग पारंपरिक पकवानों का भोग लगाया जाता हैं।
छठ महापर्व शनिवार से शुरू, जानिए पहले से चौथे दिन किन-किन पकवानों से होती है पूजा
छठ के 4 दिन कौन से पकवान बनते हैं (सौ.सोशल मीडिया)
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Chhath Puja kab hai 2025: शनिवार, 25 अक्टूबर से लोक आस्था महापर्व की शुरुआत होने वाली है, जिसे छठ महापर्व कहा जाता हैं। यह पूरे चार दिनों तक चलने वाला हैं। वैसे तो छठ महापर्व पूरे भारत में धूमधाम से मनाया जाता है, विशेषकर उत्तर भारत के कुछ राज्य उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, बंगाल जैसे राज्यों में इसकी अलग ही धूम होती हैं। लेकिन, अब तो विदेशों में भी छठ पूजा मनाए जाने लगा हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, छठ पूजा केवल एक त्योहार ही नहीं है, बल्कि ये आस्था, संस्कृति और समर्पण का प्रतीक माना जाता है। चार दिनों तक चलने वाले इस कठिन व्रत में शुद्धता और पवित्रता का विशेष ध्यान रखा जाता है।

इन चारों दिनों में छठी मैया और सूर्य देव को अलग-अलग पारंपरिक पकवानों का भोग लगाया जाता हैं। ऐसे में आइए जान लेते है छठ महापर्व पर किस दिन कौन से पकवान से होती है छठी मैया की पूजा।

छठ के 4 दिन कौन से पकवान बनते हैं

छठ पूजा का पहला दिन

शास्त्रों के अनुसार, छठ पूजा की शुरुआत नहाय-खाय से होती हैं। इस दिन व्रती नदी में स्नान करती हैं और सात्विक भोजन ग्रहण कर व्रत का संकल्प लेती हैं। इस दिन सेंधा नमक और घी में बना अरवा चावल और लौकी की सब्जी प्रसाद के रूप में खाई जाती है।

छठ पूजा का दूसरा दिन

छठ पूजा का दूसरा यानी खरना के दिन व्रती दिन भर निर्जला उपवास रखती हैं और शाम को विशेष भोग तैयार करके सूर्य देव की पूजा के बाद उसे ग्रहण करती हैं, जिसे 'खरना' या 'लोहंडा' कहते हैं। इसके बाद से 36 घंटों का निर्जला व्रत शुरू हो जाता है। रसिया या गुड़ की खीर इस दिन का प्रमुख प्रसाद है। इसे दिन खीर गुड़ और अरवा चावल से बनाया जाता है।

छठ पूजा का तीसरा दिन

आपको बता दें, छठ पूजा का तीसरा दिन छठ का सबसे महत्वपूर्ण दिन होता है, इस दिन डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है। इस दिन ठेकुआ सहित कई तरह के पारंपरिक पकवानों से सूप यानी कि बांस का बर्तन सजाकर छठी मैया को अर्पित किया जाता है।

छठ पूजा का चौथा यानी अंतिम दिन

छठ पूजा का चौथा यानी अंतिम दिन में उगते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है। इसके बाद व्रती पारण करके व्रत खोलती है। प्रसाद में ठेकुआ, फल और अन्य पकवानों को सभी लोगों को बांटती है।

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