इस शिव मंदिर में कसम खाना है सख्त मना, कहते हैं झूठ बोला तो जिंदगी में मच जाता है तूफान

Tedhe Nath Temple: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में स्थित टेढ़े नाथ मंदिर अपनी अनोखी मान्यताओं और रहस्यमयी इतिहास के कारण पूरे इलाके में विशेष आस्था का केंद्र है।
Taking an oath at this Shiva temple is strictly forbidden; it is said that if you lie, your life will be thrown into turmoil.
Tedhe Nath Temple (Source. Facebook)
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Taking Oaths is Forbidden In Temple: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में स्थित टेढ़े नाथ मंदिर अपनी अनोखी मान्यताओं और रहस्यमयी इतिहास के कारण पूरे इलाके में विशेष आस्था का केंद्र है। यहां भगवान शिव के दर्शन के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचते हैं, लेकिन इस मंदिर से जुड़ा एक नियम ऐसा है, जिसे आज भी बेहद सख्ती से निभाया जाता है। इस मंदिर परिसर में कसम खाना पूरी तरह वर्जित माना जाता है।

क्यों नहीं खाई जाती यहां कसम?

स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, टेढ़े नाथ बाबा के सामने झूठ बोलना या गलत कसम खाना भारी संकट को न्योता देने जैसा माना जाता है। लोगों का विश्वास है कि जो व्यक्ति यहां झूठी कसम खाता है, उसे जीवन में किसी न किसी विवाद, नुकसान या गंभीर परेशानी का सामना करना ही पड़ता है। यही कारण है कि मंदिर परिसर में आने वाला हर भक्त केवल सत्य बोलने का प्रयास करता है।

झूठ यहां टिकता नहीं

ग्रामीणों का कहना है कि बाबा के दरबार में झूठ ज्यादा देर तक टिक नहीं पाता। जो भी व्यक्ति कसम खाकर झूठ बोलता है, वह जल्द ही किसी बड़े झगड़े, पारिवारिक कलह या कानूनी विवाद में फंस जाता है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पहले कई ऐसे मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें कसम खाने के बाद परिवारों में तनाव और विवाद बढ़ गए। इसी डर के चलते यहां कसम को अपशकुन माना जाता है।

भक्तों के अनुभव भी मजबूत करते हैं आस्था

स्थानीय निवासी वेद प्रकाश सोनी बताते हैं कि वे वर्षों से इस मंदिर में दर्शन के लिए आ रहे हैं और उनकी हर मनोकामना यहां पूरी हुई है। उनका कहना है कि इस मंदिर में झूठी कसम लेने की कोई हिम्मत नहीं करता। वहीं, प्रसाद विक्रेता बालक राम के अनुसार, बीते 20 वर्षों में उन्होंने कई ऐसी घटनाएं देखी हैं, जिनमें झूठी कसम खाने वाले लोग बाद में दुर्घटनाओं या गंभीर विवादों में उलझ गए।

महाभारत काल से जुड़ा है इतिहास

मंदिर के सेवादारों का मानना है कि टेढ़े नाथ मंदिर की स्थापना महाभारत काल में युधिष्ठिर द्वारा की गई थी। कहा जाता है कि सत्य और धर्म के पालन की इसी परंपरा के कारण यहां कसम खाने पर रोक लगाई गई। समय-समय पर झूठी कसम के बाद हुई घटनाओं ने इस मान्यता को और मजबूत कर दिया। आज भी इसी अनोखी आस्था और परंपरा के चलते टेढ़े नाथ मंदिर को अत्यंत पवित्र और चमत्कारी माना जाता है।

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