जन्माष्टमी पर भूलकर भी न करें ये 4 गलतियां, वरना कान्हाजी हो जायेगे नाराज

Mashik Janmashtami Vrat : नए साल 2026 की पहली मासिक कृष्ण जन्माष्टमी का व्रत शनिवार, 10 जनवरी 2026 को मनाई जाएगी। ऐसे में जरूरी है कि जन्माष्टमी व्रत के दिन किन गलतियों को करने से बचना चाहिए ?
Mashik Janmashtami Vrat
मासिक कृष्ण जन्माष्टमी (सौ.सोशल मीडिया)
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Monthly Krishna Janmashtami Vrat 2026 : श्रीकृष्ण भक्तों के लिए जन्माष्टमी की पावन तिथि किसी उत्सव से कम नहीं होती है। हर महीने कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मासिक कृष्ण जन्माष्टमी मनाई जाती है। इस बार नए साल 2026 की पहली मासिक कृष्ण जन्माष्टमी का व्रत शनिवार, 10 जनवरी 2026 को मनाई जाएगी।

यह शुभ तिथि भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित होती है। मान्यता है कि इस दिन विधिपूर्वक व्रत और पूजा करने से जीवन के कष्ट, मानसिक तनाव, आर्थिक परेशानियां और पारिवारिक कलह दूर होती है। विशेष रूप से जो भक्त संतान सुख, सुख-समृद्धि और मनोकामना पूर्ति की कामना करते हैं, उनके लिए यह व्रत अत्यंत फलदायी माना गया है।

लेकिन, अक्सर अनजाने में हम कुछ ऐसी गलतियां कर बैठते हैं जिससे हमारा व्रत खंडित हो सकता है या पूजा का पूरा फल नहीं मिलता। अगर आप भी इस जन्माष्टमी व्रत रखने जा रहे हैं, तो इन 4 बातों का खास ख्याल रखें।

जन्माष्टमी व्रत के दिन किन गलतियों को करने से बचना चाहिए

तामसिक भोजन से परहेज

जन्माष्टमी व्रत के दिन तामसिक भोजन का सेवन भूलकर भी नहीं करना चाहिए। व्रत केवल भूखा रहने का नाम नहीं है, बल्कि यह मन और शरीर की शुद्धि का पर्व है। जन्माष्टमी के दिन घर में लहसुन, प्याज या किसी भी प्रकार का मांसाहारी भोजन नहीं बनना चाहिए। इसके अलावा, इस दिन शराब या अन्य नशीले पदार्थों का सेवन करने से न केवल व्रत टूटता है, बल्कि व्यक्ति को भारी दोष भी लगता है।

वाद-विवाद न करें

अक्सर लोग शारीरिक रूप से तो उपवास रख लेते हैं, लेकिन मन में दूसरों के प्रति कड़वाहट या क्रोध रखते है। शास्त्रों के अनुसार, व्रत के दौरान किसी का अपमान करना, झूठ बोलना या वाद-विवाद करना मानसिक अशुद्धि माना जाता है।

तुलसी के पत्तों को तोड़ना

जैसा कि आप जानते है कि, जगत के पालनहार भगवान विष्णु और उनके अवतार श्री कृष्ण को तुलसी अति प्रिय है। तुलसी की बिना इनकी पूजा अधूरी मानी जाती है। उनके भोग में तुलसी का होना अनिवार्य है, लेकिन याद रखें कि जन्माष्टमी के दिन तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ने चाहिए। यदि आपको पूजा के लिए तुलसी चाहिए, तो उसे एक दिन पहले ही तोड़कर रख लें। जन्माष्टमी पर तुलसी के पौधे को जल अर्पित करें और दीप जलाएं, लेकिन उसे नुकसान न पहुंचाएं।

गायों का अपमान न करें

जन्माष्टमी व्रत के दिन गायों का अपमान न करें। श्री कृष्ण को गोपाल कहा जाता है, यानी गायों को पालने वाला और उनसे प्रेम करने वाला। अगर आप जन्माष्टमी का व्रत रख रहे हैं और किसी गाय या बछड़े को परेशान करते हैं या उसे द्वार से भगा देते हैं, तो आपकी पूजा अधूरी मानी जाएगी।

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