भड़क गए सीएम हिमंत बिस्वा, बोले-मैं गांधी परिवार के चमचों से नहीं डरता, दिग्गज कांग्रेस नेताओं पर करेंगे केस

Himanta Biswa News : हिमंता बिस्वा ने कांग्रेस नेता भूपेश बघेल समेत कई नेताओं पर मानहानि का केस करने का ऐलान किया है। इन नेताओं ने असम के सीएम और उनके पर‍िवार पर जमीन कब्जा करने के आरोप लगाए हैं।
CM Himanta Biswa fumed, saying, I am not afraid of the Gandhi family sycophants, I will file a case against senior Congress leaders
हिमंत बिस्वा सरमा और भूपेश बघेल।
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Himanta Biswa On Congress Leaders : असम की सियासत में इन दिनों आरोपों और कानूनी जंग का पारा सातवें आसमान पर है। विधानसभा चुनाव की आहट के बीच मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग अब अदालत की दहलीज तक पहुंचने वाली है। मुख्यमंत्री सरमा ने कांग्रेस नेता भूपेश बघेल, गौरव गोगोई, जितेंद्र सिंह और देबब्रत सैकिया के खिलाफ मानहानि का मुकदमा करने का फैसला लिया है।

विवाद की शुरुआत कांग्रेस की प्रेस कॉन्फ्रेंस से हुई। उसमें गौरव गोगोई और अन्य नेताओं ने मुख्यमंत्री पर जमीन कब्जा करने के गंभीर आरोप लगाए। कांग्रेस का दावा है कि मुख्यमंत्री के परिवार ने असम में करीब 12 हजार बीघा जमीन पर अवैध कब्जा कर रखा है। इतना ही नहीं कांग्रेस ने मुख्यमंत्री के कथित भ्रष्टाचार को उजागर करने के लिए Who Is HBS नाम से वेबसाइट और अभियान भी शुरू करने की कोशिश की। वैसे, कांग्रेस ने यह भी आरोप जड़ा कि भाजपा की आईटी सेल ने लॉन्चिंग के वक्तउनकी वेबसाइट हैक कर ली।

मुख्यमंत्री का पलटवार-कोर्ट में देखूंगा

इन आरोपों पर मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बेहद आक्रामक रुख अपनाया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के माध्यम से कांग्रेस नेताओं को गांधी परिवार का गुलाम बताते हुए खुली चुनौती दी। सरमा ने स्पष्ट किया कि अब आरोप लगाकर भाग जाने वाली राजनीति नहीं चलेगी। उन्होंने ऐलान किया कि वे 9 फरवरी को इन नेताओं के खिलाफ सिविल और क्रिमिनल मानहानि का केस दर्ज करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस नेताओं के पास रत्ती भर भी सबूत हैं तो वे उसे अदालत में साबित करें।

चुनावी रणभेरी और कानूनी दांव

असम में अप्रैल-मई में विधानसभा चुनाव होने हैं। उससे ठीक पहले आए इस राजनीतिक भूचाल ने माहौल को पूरी तरह बदल दिया है। कांग्रेस इसे मुख्यमंत्री के खिलाफ एक चार्जशीट की तरह पेश कर रही है। वहीं, सरमा ने कानूनी कार्रवाई का दांव खेलकर विपक्ष को बैकफुट पर धकेलने की रणनीति अपनाई है। इससे पहले सरमा ने गौरव गोगोई पर पाकिस्तानी एजेंसी से लिंक होने का आरोप लगाकर हलचल मचा दी थी। अब देखना होगा कि 9 फरवरी को शुरू होने वाली यह कानूनी लड़ाई असम की सत्ता की चाबी किसे सौंपती है।

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