-
रवि, 21 जून 2026 ई-पेपर
- Hindi News »
- India »
- Is Government Approval Required For Books Major Heneral Vk Singh Book Row Explained
किताब के लिए सरकार की मंजूरी जरुरी? जिस अफसर पर कांग्रेस काल में दर्ज हुआ मुकदमा…उसी ने खोल दी मोदी की पोल
- Written By: अभिषेक सिंह
Major General VK Singh: जनरल नरवणे की किताब विवाद के बीच सवाल ये हैं कि क्या किसी पूर्व सैन्य अधिकारी द्वारा लिखी गई किताब को संबंधित मंत्रालय के पास समीक्षा के लिए भेजा जाना जरूरी है?

मेजर जनरल वीके सिंह अपनी किताब के साथ (डिजाइन फोटो)
General MM Naravane Book Controversy: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की अप्रकाशित किताब का हवाला देते हुए केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार को निशाना बनाया। इस पर सत्ता पक्ष ने आपत्ति जताते हुए कहा कि किताब अभी तक प्रकाशित नहीं हुई है इसलिए संसद में इसके किसी भी हिस्से पर चर्चा नहीं हो सकती।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की तरफ से भी नियमों का हवाला देते हुए यही बात दोहराई गई। जिसके बाद संसद में अब तक हंगामा जारी है। हंगामा इसलिए भी है क्योंकि आपत्ति जताते समय सरकार यह बताना भूल गई कि रक्षा मंत्रालय ने जनरल नरवणे की किताब ‘फोर स्टार ऑफ डेस्टिनी’ के प्रकाशन पर प्रशासनिक रूप से रोक लगा दी है और यह पिछले एक साल से समीक्षा के अधीन है।
किताब पर विवाद ने खड़े किए कई सवाल
अब सवाल ये हैं कि क्या किसी पूर्व सैन्य अधिकारी द्वारा लिखी गई किताब को संबंधित मंत्रालय के पास समीक्षा के लिए भेजा जाना जरूरी है? इससे पहले भी कही ऐसा हुआ है या नहीं? एमएम नरवणे के अलावा किसी और रक्षा क्षेत्र से जुड़े अधिकारी की किताब विवादों में आई है या नहीं? चलिए इन सभी सवालों के जवाब खोजते हैं…
सम्बंधित ख़बरें
नीमच के जावद में भारी तनाव; अस्पताल लोकार्पण में पहुंचे पूर्व मंत्री ओमप्रकाश सखलेचा को ग्रामीणों ने घेरा
ठाणे जिले के मीरा – भाईंदर में बनेगा महाराष्ट्र का पहला ‘पक्षीघर’ विधायक नरेंद्र मेहता ने किया भूमि पूजन
बंगाल से दिल्ली लौटे PM मोदी…लेकिन एयरपोर्ट पर 45 मिनट क्यों करना पड़ा इंतजार? जानें वजह
Amravati: मोर्शी के अधूरे पुल को लेकर कांग्रेस का अल्टीमेटम, ‘करो या मरो’ आंदोलन की चेतावनी
सेनाधिकारी की किताब पर हुआ है विवाद
दरअसल, यह पहली बार नहीं है जब किसी रिटायर्ड वरिष्ठ सैन्य अधिकारी की किताब विवादों में फंसी हो। ऐसे कई मामले पहले भी हो चुके हैं। साल 2002 में रिटायर होने के बाद मेजर जनरल वीके सिंह ने ‘इंडियाज एक्सटर्नल इंटेलिजेंस: सीक्रेट्स ऑफ द रिसर्च एंड एनालिसिस विंग’ नाम की एक किताब लिखी।
19 साल से लंबित है वीके सिंह का मुकदमा
साल 2007 में इस किताब के प्रकाशित होने के बाद सीबीआई यानी केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने उनके खिलाफ ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया। केस दर्ज होने के बाद गुरुग्राम में उनके घर पर छापा मारा गया और उनका कंप्यूटर, पासपोर्ट और डायरी जब्त कर ली गई। आज मेजर जनरल वीके सिंह 81 साल के हैं। वह जमानत पर बाहर हैं, लेकिन अभी तक कोई ट्रायल शुरू नहीं हुआ है, और न ही ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट के तहत उनके खिलाफ कोई अंतिम कार्रवाई की गई है।
Gen. नरवणे की किताब पर कही बड़ी बात
अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस को दिए एक इंटरव्यू में मेजर जनरल सिंह ने कहा कि रिटायर्ड सैन्य अधिकारियों को अपनी किताबों की पांडुलिपियां मंजूरी के लिए रक्षा मंत्रालय को सौंपने का निर्देश देने वाला कोई ‘गैग ऑर्डर’ कभी जारी नहीं किया गया है। इस दौरान उन्होंने जनरल नरवणे की किताब को लेकर भी बड़ी बात कही।
जनरल एमएम नरवणे की किताब के साथ राहुल गांधी (सोर्स- सोशल मीडिया)
जनरल एमएम नरवणे की किताब के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, “यह पहली बार है जब मैं सुन रहा हूं कि किसी पब्लिशर ने मंजूरी के लिए किताब की पांडुलिपि रक्षा मंत्रालय को भेजी है।” उन्होंने यह भी कहा कि अगर कभी सावधानी बरतने की जरूरत होती है तो सैन्य अधिकारी खुद तय करता है कि वह अपनी किताब का ड्राफ्ट समीक्षा के लिए जमा करे या नहीं।
किताब के लिए सरकार की मंजूरी जरूरी?
मेजर जनरल सिंह के अनुसार, आर्मी रूल्स 1954 के नियम 21 के तहत केवल सेवारत रक्षा कर्मियों को ही केंद्र सरकार की अनुमति के बिना किताबें प्रकाशित करने से रोका गया है। उन्होंने आगे कहा कि सेंट्रल सिविल सर्विसेज रूल्स 1972, जो रिटायर्ड अधिकारियों द्वारा किताबों के प्रकाशन को नियंत्रित करते हैं, वे इंटेलिजेंस ब्यूरो या सीमा सुरक्षा बल से रिटायर होने वालों पर लागू होते हैं। सशस्त्र बलों से रिटायर होने वाले अधिकारियों पर यह नियम लागू नहीं होता।
वीके सिंह का मामले में अब तक क्या हुआ?
मेजर जनरल सिंह ने इंटरव्यू में अपनी किताब से जुड़े विवाद के बारे में विस्तार से बात की। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने किताब में भ्रष्टाचार के कुछ मामलों का जिक्र किया तो वह सिर्फ एक व्हिसलब्लोअर के तौर पर काम कर रहे थे। CBI ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि किताब में गोपनीय जानकारी थी जो गोपनीयता के नियमों का उल्लंघन करती है।
यह भी पढ़ें: आखिर क्यों नहीं छपी जनरल नरवणे की किताब…किसने लगा रखा है अड़ंगा? पूर्व सेना प्रमुख ने खुद दिया था जवाब
साल 2009 में चीफ मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट ने आदेश दिया कि मामले से जुड़े सभी दस्तावेज मेजर जनरल सिंह और उनके वकीलों को दिए जाएं। CBI ने इस आदेश को चुनौती दी और तब से यह मामला पेंडिंग है। पिछले सितंबर में दिल्ली हाई कोर्ट ने फैसला सुनाया कि जो दस्तावेज देश की संप्रभुता और अखंडता को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसलिए उन्हें CBI द्वारा blackened किया जाएगा। साथ ही दस्तावेजों की समीक्षा सुबह 9 बजे से रात 9 बजे के बीच की जा सकती है।
सुप्रीम कोर्ट ने CBI को जारी किया नोटिस
मेजर जनरल सिंह ने दिल्ली हाई कोर्ट के इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के सामने दलील दी कि उन्हें पिछले 18 सालों से सार्वजनिक हित में लिखी गई एक किताब से जुड़े मुकदमे का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि लंबी कानूनी प्रक्रिया ने उन्हें मानसिक, शारीरिक और वित्तीय परेशानी दी है, जिससे न्याय की अवधारणा कमजोर हुई है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में CBI को नोटिस जारी किया है।
Is government approval required for books major heneral vk singh book row explained
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
Topics:
लेटेस्ट न्यूज़
Share Market Outlook: तेजी पर लगेगा ब्रेक…या दिखेगा बंपर उछाल, सोमवार को कैसी रहेगी बाजार की चाल?
Jun 21, 2026 | 06:37 PMनीमच के जावद में भारी तनाव; अस्पताल लोकार्पण में पहुंचे पूर्व मंत्री ओमप्रकाश सखलेचा को ग्रामीणों ने घेरा
Jun 21, 2026 | 06:32 PMलोनावला की वादियों में बरसीं खुशियां, झमाझम बारिश से गुलजार हुआ मौसम, प्रकृति की गोद में लौटे सैलानी
Jun 21, 2026 | 06:31 PMन कंपनी, न कारोबार! पंचर दुकानदार के नाम पर 28 करोड़ का जीएसटी बकाया? परिवार ने CM योगी से लगाई न्याय की गुहार
Jun 21, 2026 | 06:22 PMभारत में 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर को मंजूरी, सिर्फ 2 घंटे में तय होगी दिल्ली से लखनऊ की दूरी
Jun 21, 2026 | 06:11 PMछिंदवाड़ा में लव जिहाद की शिकार हुई युवती, पैसो और धर्म परिवर्तन के लिए बनाया दबाव; जानें पूरा मामला
Jun 21, 2026 | 06:11 PMTushar Mehta: तुषार मेहता फिर बने भारत के सॉलिसिटर जनरल, मोदी सरकार ने 3 साल और बढ़ाया कार्यकाल
Jun 21, 2026 | 06:07 PMवीडियो गैलरी

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर योगमय हुआ देश, पीएम मोदी-शाह-एस जयशंकर समेत दिग्गज नेताओं ने किया योग- VIDEO
Jun 21, 2026 | 02:40 PM
कानपुर के मशहूर ‘बोतल बाबा’ पर लगा दुष्कर्म के प्रयास का संगीन आरोप, मचा हड़कंप, देखें VIDEO
Jun 20, 2026 | 10:25 PM
आसमान से जमीन पर आए सोने-चांदी के दाम! खरीदारी का सही मौका?, Video
Jun 20, 2026 | 08:18 PM
कई शहरों में पेट्रोल ने तोड़े रिकॉर्ड, डीजल का जानें हाल? नई रेट लिस्ट ने बढ़ाई लोगों की टेंशन!
Jun 20, 2026 | 08:05 PM
तेज प्रताप को सताया जान का डर, 8 खिलाड़ियों का लिया नाम! CM सम्राट चौधरी से सुरक्षा की करेंगे मांग- VIDEO
Jun 20, 2026 | 01:50 PM
डेटा खपत में नंबर-1 बना भारत, हर महीने 36 GB तक इंटरनेट उड़ा रहे हैं भारतीय; 5G नेटवर्क ने बदली तस्वीर-VIDEO
Jun 19, 2026 | 11:14 PM













