Yavatmal News: सड़कों के सौंदर्यीकरण पर ग्रहण, रेलिंग टूटी, मरम्मत की अनदेखी

Traffic Safety Issues: यवतमाल शहर में सड़कों के सौंदर्यीकरण के तहत लगाई गई रेलिंग और पौधारोपण कुछ ही समय में क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जिससे मरम्मत और रखरखाव में प्रशासनिक अनदेखी सामने आई है।
Traffic safety issues
Traffic Safety Issues:यवतमाल शहर (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Yavatmal Road Beautification: करीब एक वर्ष पहले शहर की प्रमुख सड़कों का सौंदर्यीकरण किया गया था। सड़कों के बीचों-बीच स्टील की रेलिंग लगाई गई और डिवाइडरों पर पौधारोपण किया गया। हालांकि, कुछ ही समय में इस सौंदर्यीकरण की वास्तविकता सामने आ गई है। कई स्थानों पर रेलिंग टूट चुकी हैं, जबकि डिवाइडरों पर लगाए गए पौधे सूख गए हैं। नियमित रूप से पानी न मिलने के कारण हरियाली अब केवल नाममात्र रह गई है।

शहर के गार्डन रोड, दारव्हा रोड, आर्णी रोड सहित कई प्रमुख मार्गों पर ये रेलिंग लगाई गई थीं। कुछ स्थानों पर आकर्षक पौधे लगाए गए, वहीं कुछ हिस्सों में अब भी रोपण कार्य अधूरा है। इस बीच, वाहनों के टकराने से लगातार रेलिंग को नुकसान पहुंच रहा है। जहां-जहां रेलिंग टूटी है, वहां पत्थरों का ढेर पड़ा हुआ है, जो व्यस्त सड़कों पर वाहन चालकों के लिए गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकता है। इसके बावजूद संबंधित विभाग की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया

दारव्हा मार्ग पर कई स्थानों पर रेलिंग की स्थिति बेहद खराब हो चुकी है। रेलिंग लगे मार्गों के दोनों ओर बड़े पैमाने पर अतिक्रमण भी देखने को मिल रहा है। सड़क चौड़ी होने के कारण डिवाइडर बनाकर रेलिंग लगाई गई थी, लेकिन अतिक्रमण ने इन प्रयासों को निष्प्रभावी बना दिया है। दुकानों के सामने खरीदारी के लिए वाहनों की भीड़ लगने से यातायात बाधित होता है। इसी अव्यवस्था में वाहन रेलिंग से टकरा जाते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है।

धामणगांव मार्ग के डिवाइडरों पर पेड़ों के साथ-साथ सीमेंट से बनी बड़ी और आकर्षक फूलों की आकृतियां भी स्थापित की गई थीं। लेकिन अब इनमें से कुछ टूट चुकी हैं, कुछ झुक गई हैं और कई पर धूल की मोटी परत जम चुकी है, जिससे सौंदर्यीकरण का उद्देश्य ही समाप्त होता नजर आ रहा है।

शॉर्टकट के चक्कर में रेलिंग को खतरा

जहां सड़क पर डिवाइडर होता है, वहां मोड़ लेने के लिए यू-टर्न लेना अनिवार्य होता है। लेकिन दूरी बचाने के लिए कई वाहन चालक शॉर्टकट अपनाते हैं। आधा से एक किलोमीटर अतिरिक्त चलना न पड़े, इस सोच के कारण लोग यातायात नियमों की अनदेखी करते हैं। इसी वजह से डिवाइडरों पर लगी रेलिंग को नुकसान पहुंच रहा है और दुर्घटनाओं की संख्या भी बढ़ रही है। ऐसे में संबंधित विभाग द्वारा जागरूकता अभियान चलाने और सख्त कार्रवाई करने की आवश्यकता महसूस की जा रही है।

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