ST महामंडल का बड़ा फैसला: सालों से एक ही टेबल पर जमे कर्मचारियों की कुर्सी छिनना तय, आदेश जारी

MSRTC Yavatmal Transfer News: यवतमाल एसटी विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल! कर्मचारियों के तबादले से हटी 10% की सीमा। ट्रैफिक इंस्पेक्टर और लेखापालों के ट्रांसफर की डेडलाइन 6 अप्रैल तय।
Major reshuffle in Yavatmal MSRTC! 10% transfer limit removed for ST employees. Reshuffle of Traffic Inspectors & Accountants to be completed by April 6.
एसटी बस सर्विस (सौजन्य-नवभारत)
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ST Mahamandal Employee Reshuffle: एक ही स्थान पर वर्षों से जमे हुए एसटी कर्मचारियों के तबादलों का रास्ता आखिरकार साफ हो गया है। महाराष्ट्र राज्य मार्ग परिवहन महामंडल के यवतमाल विभाग में 10 प्रतिशत की सीमा की शर्त को समाप्त करते हुए व्यापक स्तर पर तबादलों के आदेश जारी किए गए हैं, जिससे प्रशासनिक हलकों में हलचल मच गई है। 27 मार्च को जारी एक परिपत्र के अनुसार 6 अप्रैल तक पूरी प्रक्रिया संपन्न करने के निर्देश दिए गए हैं। लंबे समय से लंबित यह तबादला अभियान अब अमल में आता दिख रहा है।

नियमों के अनुसार नियुक्ति के बाद पहले तीन वर्ष पूरे होने पर एक टेबल से दूसरे टेबल पर और छह वर्ष के बाद विभागीय स्तर पर स्थानांतरण अपेक्षित होता है। लेकिन यवतमाल विभाग में पिछले कई वर्षों से एक ही टेबल पर वही कर्मचारी कार्यरत दिखाई दे रहे थे। इसके चलते पात्र कर्मचारियों को उचित स्थान मिलने से वंचित रहना पड़ रहा था।

इससे पहले वरिष्ठ स्तर से अधिकारी वर्ग-2 के तीन वर्ष का कार्यकाल पूरा कर चुके अधिकारियों के 10 प्रतिशत तक तबादलों की कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए थे। हालांकि आचार संहिता समाप्त होने के बाद भी पहले चरण में इन तबादलों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। यह बात वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में आने के बाद शासन ने संशोधित आदेश जारी किए हैं।

अब नए निर्देशों के तहत 10 प्रतिशत की सीमा हटाकर सभी पात्र अधिकारियों के तबादले निर्धारित समयसीमा में करना अनिवार्य कर दिया गया है। तीन वर्ष का कार्यकाल पूरा कर चुके सभी अधिकारी इस प्रक्रिया में शामिल होंगे। हालांकि यह निर्णय सभी पदों पर लागू नहीं होगा। केवल यातायात निरीक्षक, लेखाकार और प्रभारी इन तीन पदों पर कार्यरत कर्मचारियों को ही इसके दायरे में रखा गया है।

विभिन्न संवर्ग के कर्मचारियों को इंतजार

हाल ही में यवतमाल विभाग में चार कर्मचारियों को वरिष्ठ लिपिक पद पर पदोन्नति दी गई थी, लेकिन उनका तबादला नहीं किया गया। अब नए आदेशों के बाद व्यापक स्तर पर तबादले अनिवार्य हो गए हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या इस बार भी निर्देशों का पालन होगा या फिर पहले की तरह यह प्रक्रिया अधूरी रह जाएगी। इस पर कर्मचारियों की नजर टिकी हुई है।

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