प्रमोशन में आरक्षण: 7 जुलाई को MP हाईकोर्ट में अहम सुनवाई, लाखों कर्मचारियों की बढ़ीं उम्मीदें

MP Government Employees News: मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में प्रमोशन में आरक्षण पर कल होगी सुनवाई, नई युगलपीठ करेगी सुनवाई, पदोन्नति नियम 2025 के बीच लाखों कर्मचारियों की नजरें।
Madhya Pradesh High Court to hear promotion reservation case on July 7
प्रमोशन में आरक्षण (प्रतीकात्मक इमेज- एआई जनरेटेड)
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Reservation In Promotion Madhya Pradesh: मध्य प्रदेश में प्रमोशन में आरक्षण को लेकर चल रहे बहुचर्चित कानूनी विवाद में लंबे इंतजार के बाद महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। हाई कोर्ट ने इस मामले को कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विवेक रूसिया और न्यायमूर्ति प्रदीप मित्तल की युगलपीठ के समक्ष 7 जुलाई को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कर दिया है।

आधिकारिक कॉज लिस्ट जारी होने के बाद कर्मचारियों, अधिवक्ताओं और विभिन्न कर्मचारी संगठनों के बीच चल रही अटकलों पर विराम लग गया है। युगलपीठ की सूची में यह मामला 17वें क्रम पर रखा गया है और इसकी सुनवाई मंगलवार को प्रथम सत्र में होने की संभावना जताई जा रही है।

सुरक्षित फैसले के बाद दोबारा शुरू होगी सुनवाई

यह मामला 17 फरवरी 2026 को तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा और न्यायमूर्ति विनय सराफ की युगलपीठ के समक्ष अंतिम सुनवाई के बाद निर्णय के लिए सुरक्षित रख लिया गया था। हालांकि, इसके बाद न्यायमूर्ति विनय सराफ का इंदौर खंडपीठ में स्थानांतरण हो गया, जबकि मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश नियुक्त हो गए। इस कारण मामले का अंतिम फैसला नहीं आ सका। इसी बीच सुरक्षित निर्णयों को 90 दिनों के भीतर सुनाए जाने संबंधी सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों को लेकर भी व्यापक चर्चा होती रही। अब नए सिरे से होने वाली सुनवाई को इस लंबे समय से लंबित विवाद के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।

प्रशासनिक प्रक्रिया के बीच बढ़ा सुनवाई का महत्व

एक ओर जहां हाई कोर्ट में इस मामले की सुनवाई फिर से शुरू होने जा रही है, वहीं दूसरी ओर राज्य सरकार मध्य प्रदेश लोक सेवा (पदोन्नति) नियम, 2025 के तहत वरिष्ठता सूची तैयार करने और पदोन्नति की प्रशासनिक प्रक्रिया को आगे बढ़ा रही है। ऐसे में न्यायिक और प्रशासनिक दोनों प्रक्रियाएं समानांतर चलने से इस सुनवाई का महत्व और बढ़ गया है। अदालत का आगामी रुख प्रदेश में पदोन्नति की प्रक्रिया की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

लाखों कर्मचारियों की नजरें हाई कोर्ट के फैसले पर

प्रमोशन में आरक्षण विवाद का सीधा असर मध्य प्रदेश के लाखों शासकीय अधिकारियों और कर्मचारियों पर पड़ रहा है। वर्षों से नियमित पदोन्नतियां नहीं होने के कारण कई विभागों में रिक्त पदों की संख्या बढ़ी है, जिससे प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं।

नई भर्तियों और विभागीय व्यवस्था पर भी इसका असर देखा जा रहा है। सामान्य वर्ग और आरक्षित वर्ग, दोनों के कर्मचारी इस मामले में स्पष्ट निर्णय का इंतजार कर रहे हैं। अब 7 जुलाई को होने वाली सुनवाई से यह उम्मीद की जा रही है कि लंबे समय से चले आ रहे इस विवाद के समाधान की दिशा में कोई महत्वपूर्ण प्रगति सामने आ सकती है।

https://youtu.be/oeDcEuol6Ko?si=PPz-dM0lO-f0LH59

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