सावधान: भोपाल में ATM फ्रॉड का बड़ा खुलासा, मास्टर-की से कैश फंसाकर उड़ाते थे रुपये; 6 बिहारी युवक गिरफ्तार

ATM Theft Case 6 Youth Arrested: भोपाल की शाहपुरा पुलिस ने मास्टर-की से एसबीआई एटीएम में छेड़छाड़ कर नकदी चुराने वाले बिहार के 6 छात्रों को पकड़ा, 8 एटीएम में की थी वारदात, जांच जारी।
Bhopal Police arrest six Bihar youths for master key ATM cash trapping fraud
भोपाल में मास्टर-की की मदद से चोरी करने वाले गिरफ्तार (प्रतीकात्मक इमेज- एआई जनरेटेड)
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Bhopal ATM Fraud Case: भोपाल के शाहपुरा थाना पुलिस ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) के एटीएम से बेहद शातिर तरीके से ग्राहकों की नकदी चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने बिहार के रहने वाले निजी कॉलेज के छह छात्रों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि गिरोह पिछले दो सप्ताह से शहर के सुनसान इलाकों में स्थित एसबीआई के कई एटीएम को निशाना बना रहा था।

शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपितों ने शाहपुरा क्षेत्र के सेवॉय कॉम्प्लेक्स, शैतान सिंह चौराहा और त्रिलंगा सहित शहर के आठ एटीएम में वारदात को अंजाम दिया। पुलिस को आशंका है कि इस गिरोह ने सैकड़ों लोगों को अपना शिकार बनाकर लाखों रुपये की ठगी की है।

मशीन में फंसा देते थे कैश, बाद में निकाल लेते थे रकम

पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपितों के पास एटीएम मशीन का ऊपरी पैनल खोलने के लिए मास्टर-की थी। वे मशीन खोलकर कैश डिस्पेंसर प्लेट से छेड़छाड़ कर देते थे या उसके सामने अवरोध लगा देते थे। इसके बाद जब कोई ग्राहक पैसे निकालने आता, तो उसके खाते से राशि कट जाती, लेकिन नकदी मशीन के भीतर ही फंस जाती थी। ग्राहक रुपये नहीं मिलने पर परेशान होकर चला जाता और बाद में आरोपी दोबारा मशीन खोलकर अंदर फंसी पूरी रकम निकाल लेते थे। संदेह से बचने के लिए गिरोह एटीएम की रसीद निकालने वाला पेपर रोल भी हटा देता था, जिससे लेनदेन की पर्ची बाहर न निकले।

सुनियोजित तरीके से देते थे वारदात को अंजाम

पूछताछ में पता चला कि गिरोह पूरी योजना के साथ वारदात करता था। दो सदस्य एटीएम बूथ के अंदर सामान्य ग्राहक बनकर खड़े रहते थे, जबकि दो बाहर निगरानी करते थे और दो अन्य कार में बैठकर इंतजार करते थे। जब किसी ग्राहक के पैसे नहीं निकलते थे, तो आरोपी उसे तकनीकी खराबी का हवाला देकर कस्टमर केयर में शिकायत करने की सलाह देते थे और भरोसा दिलाते थे कि खाते में राशि वापस आ जाएगी। ग्राहक के जाने के बाद आरोपी मशीन खोलकर फंसी हुई नकदी निकाल लेते थे। इस पूरी साजिश को अंजाम देने के लिए गिरोह ने तकनीकी जानकारी और विशेष उपकरणों का इस्तेमाल किया।

शिकायतों के बाद पुलिस ने दबोचा, लाखों की चोरी की आशंका

लगातार ग्राहकों की शिकायतें मिलने पर बैंक अधिकारियों ने एटीएम सुरक्षा एजेंसी को सूचना दी, जिसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा। रविवार शाम त्रिलंगा स्थित एसबीआई एटीएम पर निगरानी के दौरान पुलिस ने दो संदिग्ध युवकों को गिरफ्तार किया। उनकी निशानदेही पर गिरोह के अन्य चार सदस्यों और वारदात में इस्तेमाल की गई कार भी जब्त कर ली गई।

थाना प्रभारी संतोष मरकाम के अनुसार सभी आरोपी बिहार के रहने वाले हैं और भोपाल के निजी कॉलेजों में पढ़ाई करते हुए अयोध्या नगर क्षेत्र में किराये के मकान में रह रहे थे। भोपाल पुलिस अब बैंक से शिकायतों का रिकॉर्ड जुटाकर यह पता लगा रही है कि गिरोह ने कितने खाताधारकों को निशाना बनाया और कुल कितनी रकम की चोरी की। शुरुआती जांच में लाखों रुपये की हेराफेरी की आशंका जताई गई है।

https://youtu.be/StemshdBUc0?si=n11aXNXMgMl7My2d

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