यवतमाल के 114 गांवों के लिए एक भी वेंटिलेटर नहीं, IPHS मानकों की उड़ी धज्जियां, NGO ने सरकार को दिया अल्टीमेटम

Maregaon Rural Hospital News: मारेगांव ग्रामीण अस्पताल में वेंटिलेटर की कमी! 114 गांवों के मरीजों की जान खतरे में। NGO ने दिया 15 दिन का अल्टीमेटम, वरना हाईकोर्ट में होगी याचिका।
Maregaon Rural Hospital lacks ventilators & CT scan facilities for 114 villages. NGO issues 15-day ultimatum to Govt before moving to Nagpur High Court.
मारेगांव ग्रामीण अस्पताल (सौजन्य-नवभारत)
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Ventilator Shortage Maharashtra: एक ओर सरकार ‘स्वस्थ महाराष्ट्र’ का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर मारेगांव तहसील के 114 गांवों के लोगों को आज भी गंभीर स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव का सामना करना पड़ रहा है। मारेगांव ग्रामीण अस्पताल में अत्यंत आवश्यक वेंटिलेटर और सीटी स्कैन मशीन उपलब्ध न होने के कारण आदिवासी बहुल क्षेत्र के मरीजों को अपनी जान जोखिम में डालकर यवतमाल या नागपुर जाना पड़ रहा है।

इस गंभीर मुद्दे को लेकर ‘द प्लेटफॉर्म फॉर जस्टिस एंड ह्यूमन राइट्स’ संगठन ने स्वास्थ्य मंत्री से शिकायत करते हुए प्रशासन को 15 दिन का अल्टीमेटम दिया है। सूचना का अधिकार (RTI) के तहत प्राप्त जानकारी और मार्च 2025 की सरकारी रिपोर्ट के अनुसार, मारेगांव अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं बेहद खराब स्थिति में हैं।

आपातकालीन स्थिति में ‘गोल्डन आवर’ के दौरान मरीज को वेंटिलेटर मिलना जरूरी होता है, लेकिन यहां एक भी कार्यरत यूनिट उपलब्ध नहीं है। संगठन का दावा है कि करीब 100 किलोमीटर का सफर तय करते समय कई गरीब मरीजों की रास्ते में ही मौत हो चुकी है।

संगठन के एड. राजीव खोब्रागड़े, एड. साहिल शेख और सोहेल सैय्यद ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 15 दिनों के भीतर अस्पताल में कम से कम दो वेंटिलेटर और सीटी स्कैन मशीन उपलब्ध नहीं कराई गई, तो मुंबई उच्च न्यायालय की नागपुर खंडपीठ में याचिका दायर की जाएगी।

IPHS 2022 के मानक क्या है?

IPHS 2022 के मानकों के अनुसार, वेंटिलेटर और सीटी स्कैन जैसी सुविधाएं कोई विलासिता नहीं, बल्कि ग्रामीण जनता के लिए जीवनरेखा हैं। संगठन की मांग है कि तत्काल 2 वेंटिलेटर लगाए जाएं, सीटी स्कैन मशीन की स्थायी व्यवस्था की जाए और 24 घंटे तकनीशियन उपलब्ध कराया जाए, ताकि 114 गांवों के मरीजों को समय पर उपचार मिल सके। अब नजरें प्रशासन पर टिकी हैं कि वह 15 दिनों के भीतर कदम उठाता है या फिर न्यायालय के हस्तक्षेप का इंतजार करता है।

त्वरित व मजबूत व्यवस्था करे शासन

मारेगांव ग्रामीण अस्पताल अधीक्षक डॉ. सुभाष इंगले ने बताया IPHS 2022 के अनुसार अस्पताल में 2 वेंटिलेटर, सीटी स्कैन मशीन और 24 घंटे तकनीशियन की उपलब्धता जरूरी है। साथ ही 114 गांवों के मरीजों को त्वरित सेवा मिलनी चाहिए। हालांकि वर्तमान में अस्पताल में केवल एक एमएस और तीन मेडिकल ऑफिसर के पद स्वीकृत हैं। ऐसी स्थिति में इन सुविधाओं को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए अतिरिक्त तकनीकी और चिकित्सा स्टाफ की आवश्यकता है।

  • नवभारत लाइव पर यवतमाल से उमर शरीफ की रिपोर्ट
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