शिवाजी महाराज की प्रतिमा के सामने से हटेगा पेट्रोल पंप; उमरखेड़ नगर परिषद ने प्रस्ताव किया पारित

Umarkhed Municipal Council: उमरखेड़ नगर परिषद का बड़ा फैसला। शिवाजी महाराज प्रतिमा के सामने से हटेगा पेट्रोल पंप। सौंदर्यीकरण में बाधा और सुरक्षा के खतरे को देखते हुए लीज बढ़ाने से इनकार।
Umarkhed Municipal Council unanimously votes to remove Bharat Petroleum pump near Shivaji Maharaj statue for beautification and public safety. Lease expired.
हटेगा पेट्रोल पंप (सौजन्य-नवभारत)
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Petrol Pump Removal: उमरखेड़ शहर के महात्मा गांधी चौक में स्थित छत्रपति शिवाजी महाराज की अश्वारूढ़ प्रतिमा के सामने भारत पेट्रोलियम कंपनी का पेट्रोल पंप होने के कारण प्रतिमा के सौंदर्यीकरण कार्य में बाधा उत्पन्न हो रही है। साथ ही यह पेट्रोल पंप अत्यंत व्यस्त क्षेत्र में स्थित होने से नागरिकों की सुरक्षा के लिए भी खतरा बनता जा रहा है।

इस पेट्रोल पंप के पास से नागपुर–तुलजापुर राष्ट्रीय राजमार्ग, उमरखेड–बिटरगांव राज्य महामार्ग गुजरता है। पेट्रोल पंप के सामने विद्युत वितरण कंपनी की बड़ी डीपी, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, मार्केट लाइन, नगर परिषद कार्यालय तथा पीछे की ओर नगर परिषद का भव्य मंगल कार्यालय स्थित है, जहां अक्सर विवाह समारोहों में आतिशबाजी होती है। इस क्षेत्र में हमेशा नागरिकों, महिलाओं और बच्चों की भारी भीड़ रहती है।

पेट्रोल पंप की लीज खत्म

ऐसे में भविष्य में किसी बड़े हादसे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। उक्त पेट्रोल पंप की लीज 31 जुलाई 2025 को समाप्त हो चुकी है, इसके बावजूद पेट्रोल पंप अब भी संचालित किया जा रहा है। उमरखेड तहसील के शिवप्रेमियों द्वारा पिछले कई वर्षों से इस पेट्रोल पंप को हटाने के लिए उपोषण, आंदोलन और निवेदन किए जाते रहे हैं।

नगर परिषद की सर्वसाधारण सभा में दिनांक 14 अक्टूबर 1975 के प्रस्ताव क्रमांक 7 तथा 14 2002 के प्रस्ताव क्रमांक 20 के तहत सर्वसम्मति से इस पेट्रोल पंप को हटाने का निर्णय लिया गया था। इसके अलावा महाराष्ट्र शासन की स्वीकृत विकास योजना के अनुसार नगर परिषद कार्यालय के सामने स्थित यह भूमि सड़क के लिए आरक्षित दर्शाई गई है।

अतः यहां पेट्रोल पंप का संचालन नियमानुसार अनुमेय नहीं है। विकास नियंत्रण नियमावली के अनुसार पेट्रोल पंप के लिए न्यूनतम 510.87 वर्ग मीटर क्षेत्रफल आवश्यक है, जबकि अभिलेखों के अनुसार संबंधित पेट्रोल पंप के पास मात्र 303 वर्ग मीटर भूमि उपलब्ध है, जो नियमों के विरुद्ध है।

जिलाधिकारी के समक्ष भी गया था मामला

इस संदर्भ में पेट्रोल पंप संचालक द्वारा जिलाधिकारी, यवतमाल के समक्ष मामला भी दायर किया गया था, जिसमें पंप को अन्य स्थान पर स्थानांतरित करने के लिए समय मांगा गया था, लेकिन वह अवधि भी समाप्त हो चुकी है। इन सभी कारणों को ध्यान में रखते हुए नगर परिषद की 29 जनवरी को आयोजित सभा में भारत पेट्रोलियम कंपनी के पेट्रोल पंप की लीज न बढ़ाने तथा पेट्रोल पंप को तुरंत हटाने का सर्वसम्मत प्रस्ताव पारित किया गया।