
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स : सोशल मीडिया )
Yavatmal Tap Water Scheme: यवतमाल ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की समस्या को हल करने के लिए जल जीबन मिशन शुरू किया गया था। लेकिन इस मिशन के तहत अब तक स्वीकृत 51 हजार 560 नल जल योजनाओं में से केवल 26 हजार 131 योजनाओं का ही कार्य पूरा हो सका है। कई स्थानों पर इन योजनाओं में गड़बड़ी और अनियमितताओं की शिकायतें भी सामने आई हैं।
इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य के जल आपूर्ति एवं स्वच्छता विभाग ने सख्त कदम उठाए हैं और अब हर महीने मिशन की समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे जिलाधिकारी की अध्यक्षता में संचालित जिला जल एवं स्वच्छता मिशन की जिम्मेदारी और बढ़ गई है।
इस मिशन का मुख्य उद्देश्य गांवों में प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 55 लीटर शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना है। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजना है। हालांकि महाराष्ट्र और विशेष रूप से यवतमाल जिले में शुरुआत में जोश के साथ शुरू हुआ यह अभियान बाद में धीमा पड़ गया।
बीते कुछ दिनों से मिशन के तहत किए गए कार्यों के भुगतान भी अटके हुए हैं, जिससे ठेकेदारों ने काम की गति कम कर दी है। इसका सीधा असर कार्य की प्रगति और गुणवत्ता पर पड़ा है।
परिणामस्वरूप नल के माध्यम से पानी की आपूर्ति करने वाली लगभग आधी योजनाएं अब भी अधूरी है। गुणवत्ता संबंधी खामियां और आर्थिक अनियमितताओं के कारण भी यह मिशन प्रभावित हुआ है।
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इसलिए आगे सभी कार्य निर्धारित मानकों के अनुसार करने और भ्रष्टाचार को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त न करने के निर्देश दिए गए है। इसके लिए जिलाधिकारियों को हर महीने समीक्षा करने के आदेश दिए गए है।






