ईयू नेताओं के साथ ट्रेड डील पर मीटिंग शुरू, PM मोदी ने बताई FTA की खासियत, बोले- मुक्त व्यापार से मिलेंगे मौके

Mother of All Deals: भारत और EU के बीच मुक्त व्यापार समझौता “मदर ऑफ ऑल डील्स” कहा गया, 97-99% सेक्टर कवर, संवेदनशील कृषि और डेयरी क्षेत्रों की सुरक्षा सुनिश्चित, व्यापार व आर्थिक अवसर बढ़ेंगे।
PM Modi on India-EU Trade Deal
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (सोर्स- सोशल मीडिया)
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PM Modi on India-EU Trade Deal: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच मंगलवार को होने वाले मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को “मदर ऑफ ऑल डील्स” बताया है। इस समझौते पर दोपहर में हस्ताक्षर किए जाएंगे। भारत और ईयू का FTA 97 से 99 प्रतिशत सेक्टरों को कवर करता है। आधिकारिक बातचीत पूरी हो चुकी है और कुछ प्रक्रियाओं के पूर्ण होने के बाद यह अगले साल की शुरुआत से लागू होगा।

जानकारी के मुताबिक, दिल्ली के हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईयू नेताओं की बैठक सुबह 11:30 बजे शुरू हो गई है। माना जा रहा है कि बैठक खत्म होने के बाद पीएम मोदी और ईयू नेता मिलकर एक साझा बयान जारी कर सकते हैं। इस डील को व्यापार के क्षेत्र में मोदी सरकार की बड़ी उपलब्धि की तरह देखा जा रहा है।

भारत-ब्रिटेन व्यापार समझौते का पूरक

पीएम मोदी ने एक कार्यक्रम में कहा कि यह समझौता भारत-ब्रिटेन व्यापार समझौते का पूरक है और इससे विनिर्माण क्षेत्र और सहायक सेवाओं को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने भारत को ऊर्जा क्षेत्र में अवसरों की भूमि बताया और कहा कि देश जल्द ही विश्व का सबसे बड़ा तेल शोधन केंद्र बन जाएगा, जिसकी क्षमता 260 मीट्रिक टन से बढ़ाकर 300 मीट्रिक टन की जाएगी। प्रधानमंत्री ने इस समझौते को दोनों अर्थव्यवस्थाओं के बीच आदर्श साझेदारी का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि यह समझौता वैश्विक जीडीपी का लगभग 25 प्रतिशत और वैश्विक व्यापार का बड़ा हिस्सा कवर करता है। इससे भारत और यूरोप के लोगों के लिए नए अवसर पैदा होंगे और आर्थिक एकीकरण मजबूत होगा।

सबसे महत्वपूर्ण समझौतों में से एक

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भी इसे अब तक के सबसे महत्वपूर्ण समझौतों में से एक बताया। वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने कहा कि समझौता संतुलित और भविष्योन्मुखी है। FTA में 97 से 99 प्रतिशत सेक्टर शामिल हैं।

दोनों पक्षों ने 90 प्रतिशत से अधिक वस्तुओं पर आयात शुल्क घटाने या समाप्त करने पर सहमति दी है। सेवा क्षेत्र में भी उदारीकरण होगा, जिसमें दूरसंचार, परिवहन, लेखांकन और ऑडिटिंग शामिल हैं। श्रम-गहन क्षेत्रों जैसे टेक्सटाइल, रसायन, जेम्स और ज्वेलरी, लेदर और फुटवियर को ड्यूटी-फ्री या प्राथमिकता पहुंच दी जाएगी। हालांकि, संवेदनशील क्षेत्रों जैसे कृषि और डेयरी उद्योग को पूरी सुरक्षा दी गई है और इन्हें समझौते से बाहर रखा गया है, ताकि घरेलू किसानों और डेयरी उद्योग की आजीविका प्रभावित न हो।

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