शिवसैनिक ने नाले में उतरकर दिखाया अमृत योजना का असली चेहरा, महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण के छूटे पसीने!

Yavatmal Amrut Yojana Delay: यवतमाल में अमृत योजना की बदहाली पर शिवसेना का नाले में उतरकर आंदोलन। पाइपलाइन फूटने से जलापूर्ति ठप। संजय उपगनलावार ने दी तीव्र आंदोलन की चेतावनी।
Shiv Sena's Sanjay Upganalawar protests inside a water-filled pit in Yavatmal over Amrut Yojana delays and broken pipelines. 5-day water gap angers citizens.
शिवसैनिक संजय उपगनलावार (सौजन्य-नवभारत)
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Shiv Sena Protest Yavatmal: केंद्र और राज्य सरकार की करीब 302 करोड़ रुपये की अमृत योजना का यवतमाल शहर में बुरा हाल है। आज भी शहर के नागरिकों को 5-6 दिन के अंतराल पर ही पानी की आपूर्ति हो रही है, जिससे लोगों में भारी नाराजगी है। इसी बीच प्रभाग क्रमांक 21 में इस योजना के अंतर्गत शुरू किए गए भूमिगत नाली के काम के लिए खोदे गए गड्ढे में उतरकर शिवसेना के शहर उपाध्यक्ष तथा सामाजिक कार्यकर्ता संजय उपगनलावार ने प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने के लिए अनोखा आंदोलन किया।

इस आंदोलन में परिसर के नागरिकों ने भी भाग लेकर अपना आक्रोश व्यक्त किया। महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण को युद्धस्तर पर काम कर अमृत योजना को जल्द पूरा करने के लिए जनप्रतिनिधियों द्वारा बार-बार निर्देश दिए गए थे। नागरिकों ने भी कई बार आंदोलन का रास्ता अपनाया, लेकिन इसके बावजूद यह योजना अब तक पूरी नहीं हो सकी है। वर्ष 2019 तक पूरी होनेवाली अमृत योजना अब भी अधूरी है, जिससे लोगों में नाराजगी और गुस्सा बढ़ता जा रहा है।

पाइपलाइन फूटने से नहीं मिल रहा पानी

दाते कॉलेज रोड परिसर में भूमिगत नाले के निर्माण के लिए ठेकेदार द्वारा बड़ा गड्ढा खोदा गया है। जेसीबी से काम करते समय जलवाहिनी टूट जाने से शास्त्रीनगर, दहीवलकर प्लॉट, शिवाजीनगर और दाते कॉलेज परिसर में पानी की आपूर्ति पूरी तरह बंद हो गई है। पहले ही 5-6 दिन में एक बार पानी मिल रहा था, ऐसे में इस समस्या ने नागरिकों की परेशानी और बढ़ा दी है।

गड्ढा बहुत बड़ा होने के कारण रास्ता भी बंद हो गया है और लोगों को अपने घरों तक पहुंचने के लिए लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है। नागरिकों की शिकायत मिलने पर शिवसेना पदाधिकारी संजय उपगनलावार पानी से भरे गड्ढे में उतर गए और प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया। महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण के अधिकारियों ने दो दिनों के भीतर संबंधित स्थान का काम पूरा कर गड्ढा भरने का आश्वासन दिया, जिसके बाद आंदोलन वापस लिया गया।

तीव्र आंदोलन की चेतावनी

दो दिनों के भीतर गड्ढा भरकर काम पूरा करने और टूटी पाइपलाइन की तुरंत मरम्मत करने की मांग अधिकारियों के साथ हुई चर्चा में रखी गई है। गड्ढे के कारण नागरिकों की जान को खतरा होने की आशंका जताते हुए संजय उपगनलावार ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं किया गया तो सड़क पर उतरकर तीव्र आंदोलन किया जाएगा ।

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