छत्रपति संभाजीनगर पर्यटन को वैश्विक पहचान, एलोरा-घृष्णेश्वर को विश्व पर्यटन मानचित्र पर लाने की पहल

Ajanta Ellora Cultural Heritage: संभाजीनगर के एलोरा गुफाएं, घृष्णेश्वर मंदिर व अन्य पर्यटन स्थलों को वैश्विक पहचान दिलाने पर चर्चा हुई। मनपा अगले वर्ष जर्मनी के आईटीबी बर्लिन पर्यटन मेले में भाग लेगा।
Global Recognition for Chhatrapati Sambhajinagar Tourism: An Initiative to Place Ellora and Grishneshwar on the World Tourism Map
Chhatrapati Sambhajinagar Tourism Strategy ( सोर्स: सोशल मीडिया )
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Chhatrapati Sambhajinagar Tourism Strategy: छत्रपति संभाजीनगर एलोरा की गुफाएं, घृष्णेश्वर मंदिर व शहर के पर्यटन स्थलों को वैश्विक स्तर पर कैसे पहुंचाया जाए, इस विषय पर रविवार को विस्तृत चर्चा हुई। इसमें भारत-जर्मनी स्तर पर पर्यटकों के लिए मार्गदर्शन व्यवस्था विकसित करने पर भी जोर दिया गया।

अगले वर्ष जर्मनी में आयोजित अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मेले आईटीबी बर्लिन में मनपा पर्यटन विभाग भाग लेगा। यही नहीं, रात्रि पर्यटन को बढ़ावा, प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों व 52 दरवाजों को पर्यटन से जोड़ने व पर्यटन उद्योग को विकसित करने जैसे विषयों पर विचार किया गया।

शहर में हेरिटेज कमेटी के गठन पर भी मंथन हुआ। राज्य पर्यटन विभाग की ओर से 11 जर्मन पर्यटकों का दो दिवसीय फैमिली टूर दल विरासत पर्यटन के उद्देश्य से शहर आया था।

जर्मन पर्यटकों ने उम्मीद जताई कि अगली बार जब वे शहर आएंगे, तब तक संभाजीनगर पर्यटन व्यवस्था के दृष्टिकोण से और अधिक विकसित हो चुका होगा। जर्मन टीम ने अजंता व एलोरा गुफाएं समेत विभिन्न पर्यटन स्थलों का दौरा कर यहां की संस्कृति, शिल्पकला, कला, साहित्य, कृषि व यात्रा परंपराओं के बारे में जानकारी ली।

भारत देश व जर्मनी की विरासत में 25% समानता

चर्चा के दौरान यह भी सामने आया कि भारत व जर्मनी की साहित्य, संस्कृति, इतिहास व खानपान परंपराओं में लगभग 25 प्रतिशत समानता पाई जाती है।

भविष्य में जर्मनी से आने वाले पर्यटन दली को मनधा की ओर से आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने का भी निर्णय लिया गया, साथ ही यह सुझाव भी सामने आया कि पर्यटक यदि शहर में आठ दिन तक ठहरकर यहां की संस्कृति के पहलुओं को समझे, तो इससे पर्यटन को और अधिक बढ़ावा मिल सकता है।

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