यवतमाल: बैरिकेट पर चढ़ी ट्रैवल्स बस, फ्लाईओवर निर्माण के बीच हादसा, कई यात्री घायल

Kelapur NH-44 accident: केलापुर के NH-44 पर पांढरकवड़ा के पास फ्लाईओवर निर्माण कार्य के चलते शुक्रवार दोपहर ट्रैवल्स बस सीमेंट बैरिकेट पर चढ़ गई, जिससे कई यात्री घायल हो गए।
Kelapur NH-44 accident: केलापुर के NH-44 पर पांढरकवड़ा के पास फ्लाईओवर निर्माण कार्य के चलते शुक्रवार दोपहर ट्रैवल्स बस सीमेंट बैरिकेट पर चढ़ गई, जिससे कई यात्री घायल हो गए।
बैरिकेट पर चढ़ी ट्रैवल्स (सौजन्य-नवभारत)
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Pandharakwada Travels bus crash: केलापुर तहसील के राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 44 पर फ्लाईओवर का काम शुरू होने से यातायात व्यवस्था पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गई है। नतीजतन, हर दिन छोटे-बड़े हादसे हो रहे हैं। शुक्रवार दोपहर हुए एक भीषण हादसे में कई यात्री घायल हो गए। कोंघारा गांव के पास करीब 50 करोड़ रुपये की लागत से फ्लाईओवर का निर्माण कार्य जारी है।

इस कार्य के चलते राजमार्ग की चौड़ाई कम हो गई है और वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग या उचित यातायात प्रबंधन की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। राजमार्ग प्राधिकरण की ओर से किसी भी तकनीकी अधिकारी की मौजूदगी इस स्थान पर दिखाई नहीं देती। काम चल रहा होने के बावजूद ठेकेदार कंपनी द्वारा सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए हैं।

गड्ढों के कारण वाहन का नियंत्रण छूटा

शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे नागपुर से हैदराबाद की ओर जा रही ट्रैवल्स (क्रमांक TS 08 Z 7999) गलत तरीके से लगाए गए सीमेंट बैरिकेट पर चढ़ गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, राजमार्ग पर बने गहरे गड्ढों के कारण वाहन का नियंत्रण छूट गया और यह हादसा हुआ। इस हादसे में ट्रैवल्स के कई यात्री घायल हो गए। स्थानीय नागरिकों ने तत्परता दिखाते हुए यात्रियों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया।

आमतौर पर सड़क निर्माण के दौरान प्लास्टिक या लोहे की बैरिकेडिंग लगाई जाती है, लेकिन यहां बड़े सीमेंट ब्लॉकों का उपयोग किया गया है। इस कारण हादसे के समय वाहनों को भारी नुकसान हो रहा है और यात्रियों को गंभीर चोटें लग रही हैं। इसी बीच, केलापुर तहसील के अडाणी से पिंपलखुटी के बीच का पूरा राजमार्ग गड्ढों से भर गया है, जिससे वाहन चालकों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।

बाल-बाल बचे यात्री

लगातार हो रहे हादसों के बावजूद राजमार्ग प्राधिकरण ने अब तक संबंधित ठेकेदार कंपनी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है। स्थानीय नागरिकों ने राजमार्ग प्राधिकरण का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा, सड़क की मरम्मत के साथ-साथ उचित सिग्नल, मोड़ों पर सूचना फलक और प्लास्टिक बैरिकेड लगाए जाएं, अन्यथा आने वाले समय में बड़ा जनहानि वाला हादसा हो सकता है। इस घटना के बाद एक बार फिर सड़कों की गुणवत्ता और निगरानी का मुद्दा सामने आया है। जनता ने प्रशासन से तुरंत प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।

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