वर्धा में SRPF प्रशिक्षण केंद्र की मांग, पालकमंत्री डॉ. पंकज भोयर ने CM फडणवीस को सौंपा प्रस्ताव

Wardha SRPF Training Centre: वर्धा में SRPF प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने की मांग पालकमंत्री डॉ. पंकज भोयर ने मुख्यमंत्री से की। दौंड़ केंद्र पर बोझ और विदर्भ की जरूरतें उजागर।
Wardha SRPF Training Centre: वर्धा में SRPF प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने की मांग पालकमंत्री डॉ. पंकज भोयर ने मुख्यमंत्री से की। दौंड़ केंद्र पर बोझ और विदर्भ की जरूरतें उजागर।
पालकमंत्री डॉ. पंकज भोयर ने CM को सौंपा प्रस्ताव (सौजन्य-नवभारत)
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Reserve Police Force Training: महाराष्ट्र राज्य रिजर्व पुलिस बल (एसआरपीएफ) के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए वार्षिक प्रशिक्षण अनिवार्य होता है। वर्तमान में इस प्रशिक्षण के लिए राज्य में केवल एक ही केंद्र दौंड़, जिला पुणे में कार्यरत है, जिसकी क्षमता सीमित है। इसी कारण राज्य के सभी गुटों का नियोजित वार्षिक प्रशिक्षण पूरा करना कठिन हो रहा है।

इस पृष्ठभूमि में वर्धा जिले में एक नया एसआरपीएफ प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किया जाए, ऐसी मांग पालकमंत्री एवं राज्य के गृहमंत्री (ग्रामीण) डॉ. पंकज भोयर ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के समक्ष रखी है। महाराष्ट्र राज्य रिज़र्व पुलिस बल में वर्तमान में कुल 20 गुटों के अंतर्गत लगभग 26 हजार अधिकारी व कर्मचारी कार्यरत हैं। इनमें से लगभग 2,500 से 3,000 अधिकारियों व कर्मचारियों को प्रतिवर्ष नियमित प्रशिक्षण देना अपेक्षित है।

SRPF के कुल 11 गुट कार्यरत

दौंड़ स्थित एकमात्र प्रशिक्षण केंद्र की वार्षिक क्षमता लगभग 1,500 कर्मियों की है, जिससे संपूर्ण राज्य का प्रशिक्षण कार्यक्रम पूरा नहीं हो पा रहा है। इसके अलावा, राज्य के विभिन्न हिस्सों से, विशेष रूप से विदर्भ क्षेत्र से, दौंड़ तक यात्रा करने में समय और संसाधनों की भी बड़ी हानि होती है। नागपुर और अमरावती संभाग में एसआरपीएफ के कुल 11 गुट कार्यरत हैं, जिनमें लगभग 9,000 से 10,000 अधिकारी और कर्मचारी शामिल हैं।

  • SRPF में 20 गुटों के तहत 26,000 अधिकारी-कर्मी कार्यरत
  • इसमें लगभग 2,500 से 3,000 को नियमित प्रशिक्षण देना अपेक्षित
  • नागपुर व अमरावती संभाग में 11 गुटों के तहत 9,000 से 10,000 कर्मी शामिल

यदि वर्धा में एसआरपीएफ का प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किया जाता है, तो इन सभी गुटों के कर्मचारियों को इसी क्षेत्र में नियमित प्रशिक्षण देना संभव होगा। इससे दौंड़ स्थित प्रशिक्षण केंद्र पर पड़ने वाला अतिरिक्त बोझ भी कम होगा और विदर्भ क्षेत्र के सभी गुटों का वार्षिक प्रशिक्षण कार्यक्रम सुचारू रूप से संचालित किया जा सकेगा।

रोजगार की दिशा में अहम कदम होगा : पालकमंत्री

पालकमंत्री डॉ. पंकज भोयर ने कहा कि देश के मानचित्र पर ऐतिहासिक महत्व रखने वाले वर्धा में एसआरपीएफ प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना न केवल सुरक्षा व्यवस्था को सशक्त बनाएगी, बल्कि जिले में रोजगार सृजन की दिशा में भी यह एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

उन्होंने विश्वास जताया कि भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली राज्य सरकार वर्धा के विकास के लिए सदैव तत्पर रही है और यदि निकट भविष्य में यह केंद्र वर्धा को स्वीकृत होता है, तो यह जिले के इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में दर्ज होगा।

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