नासिक-त्र्यंबकेश्वर सिंहस्थ कुंभ सांस्कृतिक विरासत: आयोजन का होगा व्यापक दस्तावेजीकरण- मंत्री शेखावत

Simhastha Kumbh 2027: केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि नासिक-त्र्यंबकेश्वर सिंहस्थ कुंभ 2027 एक विशाल सांस्कृतिक विरासत है और इसका संपूर्ण दस्तावेजीकरण किया जाना चाहिए।
Nashik-Trimbakeshwar Singhast Kumbh Cultural Heritage: The event will be extensively documented - Minister Shekhawat
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
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Nashik Trimbakeshwar Kumbh: नासिक केंद्रीय सांस्कृतिक एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि नासिक-त्र्यंबकेश्वर में आयोजित होने वाला आगामी सिंहस्थ कुंभमेला एक विशाल सांस्कृतिक विरासत है। उन्होंने निर्देश दिए कि इस आयोजन का व्यापक और पूर्ण दस्तावेजीकरण किया जाना चाहिए ताकि इसकी महत्ता भविष्य के लिए संरक्षित रहे।

केंद्रीय मंत्री शेखावत ने रविवार को जिलाधिकारी कार्यालय के केंद्रीय सभागार में सिंहस्थ कुंभमेला 2027 की बुनियादी सुविधाओं और तैयारियों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस अवसर पर राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्षा विजया रहाटकर, विभागीय आयुक्त डॉ। प्रवीण गेडाम और कुंभमेला प्राधिकरण के आयुक्त शेखर सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

वास्तुकला के साथ समन्वय बैठाने के दिए गए निर्देश

रामकाल पथ और स्थानीय कला का संगमः बैठक के दौरान श्री शेखावत ने विशेष रूप से 'रामकाल पथ' के निर्माण पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि रामकाल पथ का निर्माण करते समय स्थानीय वास्तुकला के साथ समन्वय बिठाया जाए। पथ की रंग योजना और डिजाइन ऐसी हो जिससे श्रद्धालुओं को रामायण काल की अनुभूति हो। इसके लिए उन्होंने कला क्षेत्र के स्थानीय छात्रों की मदद लेने का सुझाव दिया, कुंभ के नियोजन में महिलाओं, युवाओं और समाज के विभिन्न वर्गों को शामिल किया जाए।

बुनियादी सुविधाओं के र तकनीक पर दिया गया जोर

केंद्रीय मंत्री ने निर्देश दिया कि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बुनियादी सुविधाओं का कार्य समय सीमा के भीतर पूरा हो। उन्होंने वर्तमान से ही मोबाइल नेटवर्क की सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित करने और श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु 'हेल्पलाइन' शुरू करने को कहा।

साथ ही, उन्होंने नासिक और त्र्यंबकेश्वर के लिए हवाई कनेक्टिविटी की संभावनाओं को तलाशने के भी निर्देश दिए, मंत्री महोदय ने भीड़ प्रबंधन के सूक्ष्म नियोजन और जगह-जगह पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने की बात कही।

कुंभमेला ड्यूटी पर तैनात होने वाले अधिकारियों के लिए विशेष कार्यशालाएं आयोजित करने के निर्देश दिए ताकि वे इस आयोजन के आध्यात्मिक महत्व की समझ सकें, बैठक में विभागीय आयुक्त डॉ। गेडाम, कुंभमेला आयुक्त शेखर सिंह और मनपा आयुक्त मनीषा खत्री ने साधुग्राम, दर्शन पथ, रामकाल पथ भूमि अध्तिम्हण और प्रभावितों के पुनर्वास के संबंध में अब तक हुई प्रगति की विस्तृत जानकारी दी।

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