
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स : सोशल मीडिया AI )
Wardha Illegal Tree Cutting: वर्धा आजकल विकास के नाम पर और घर के आंगन में पत्तों का कचरा होने का कारण बताते हुए कुछ लोग बिना अनुमति के पेड़ों की अवैध कटाई करने में लगे हुए हैं।
अप्रैल 2024 से नवंबर 2025 तक के 20 महीने के छोटे से समय में जिले में कुल 851 पेड़ों की बिना अनुमति के कटाई की जानकारी सामने आयी है। सरकार और प्रशासन स्तर पर पेड़ों के महत्व को बताया जा रहा है और साथ ही वृक्षारोपण के साथ-साथ लगाए गए पौधों की देखभाल के लिए कुछ सामाजिक संगठनों द्वारा विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।
इसके बावजूद, अप्रैल2024 से नवंबर 2025 तक वन विभाग ने अवैध वृक्ष कटाई से संबंधित कुल 168 वन अपराधों की रिपोर्ट दर्ज की है। इन 168 मामलों में 851 पेड़ बिना किसी अनुमति के काटे गए हैं, यह वन विभाग की जांच में सामने आया है।
इन मामलों में से 120 मामलों को निरस्त कर दिया गया और 15 आरोपियों पर 3,74,332 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। अवैध कटाई में सबसे अधिक साग वृक्षअप्रैल 2024 से नवंबर 2025 तक के दौरान जिले में कुल 851 पेड़ों की कटाई की गई। इनमें प्रमुख रूप से 526 साग प्रजाति के पेड़ और 325 अन्य प्रजाति के पेड़ शामिल हैं।
यह भी पढ़ें:-वर्धा में पढ़ाई की संस्कृति पर संकट, तीन साल में 10 ग्रंथालय बंद, 8 पर ताला लटकने की आशंका
20 महीने के भीतर बिना अनुमति के काटे गए 526 साग प्रजाति के पेड़ों की कीमत 5,98,534 रुपये और 325 अन्य प्रजाति के पेड़ों की कीमत 68,967 रुपये रही है, यह वन विभाग की जांच में सामने आया है।






