

Thane Shinde Group Leader Birthday Banner Falls: महाराष्ट्र के ठाणे जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने सड़क सुरक्षा और शहरों में बढ़ते बैनर कल्चर पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ठाणे का सबसे व्यस्त इलाका माना जाने वाला ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे का तीन हाथ नाका उस समय एक हादसे का गवाह बनते-बनते रह गया, जब बीच ट्रैफिक में एक युवक और युवती के ऊपर अचानक एक भारी-भरकम बैनर गिर गया।
यह पूरी घटना हाईवे पर पीछे चल रहे वाहनों के कैमरों में कैद हो गई है। वीडियो में स्पष्ट देखा जा सकता है कि ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर गाड़ियां अपनी रफ्तार में चल रही थीं। तभी ऊपर बने एक फुटओवर ब्रिज से अचानक एक शिवसेना शिंदे गुट के नेता का विशालकाय जन्मदिन की बधाई का बैनर सीधे नीचे चल रहे एक बाइक सवार के सिर पर आ गिरा। बैनर गिरते ही बाइक सवार कुछ पल के लिए पूरी तरह असहज हो गया और उसका संतुलन बिगड़ते-बिगड़ते बचा।
गनीमत यह रही कि बाइक चला रहे युवक ने हेलमेट पहन रखा था, जिसकी वजह से बैनर का सीधा प्रभाव उसके सिर पर नहीं पड़ा और उसकी जान बच गई। हालांकि, बैनर गिरने के बाद बाइक पर पीछे बैठी महिला के लिए स्थिति गंभीर थी। बताया जा रहा है कि इस अचानक हुए हमले से महिला के चेहरे और आंखों पर गंभीर चोट आने की आशंका है। बाइक सवार ने किसी तरह हिम्मत दिखाई, गाड़ी को किनारे लगाया और खुद को उस जाल जैसे बैनर से बाहर निकाला।
यह कोई सामान्य दुर्घटना नहीं है, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही का एक ज्वलंत उदाहरण है। सूत्रों के अनुसार, यह बैनर शिवसेना शिंदे गुट के नेता को जन्मदिन की बधाई देने के लिए अवैध रूप से लगाया गया था। यह अत्यंत विचलित करने वाला है कि कैसे सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर मुख्य हाईवे के ऊपर इतने बड़े और भारी बैनर लगा दिए जाते हैं।
शहर की सुंदरता को बिगाड़ने वाली यह बैनरबाजी अब जानलेवा स्तर तक पहुंच गई है। राह चलते किसी भी व्यक्ति के चेहरे पर अचानक इस तरह भारी बैनर गिरना सीधे तौर पर 'मौत को दावत' देने जैसा है। यदि उस समय बाइक की रफ्तार अधिक होती या पीछे से कोई तेज रफ्तार ट्रक आ रहा होता, तो यह घटना एक भयावह त्रासदी में बदल सकती थी।
इस घटना ने कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
सोशल मीडिया पर इस घटना का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है और लोग प्रशासन के प्रति अपना गुस्सा जाहिर कर रहे हैं। यह घटना एक चेतावनी है कि यदि इन अवैध होर्डिंग्स और बैनरों पर लगाम नहीं लगाई गई, तो अगली बार कोई इतना भाग्यशाली नहीं होगा कि केवल हेलमेट के भरोसे बच सके। अधिकारियों को चाहिए कि वे इस गंदी प्रथा को समाप्त करें और सड़क पर चलने वाले हर नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित करें।