भिवंडी से नवी मुंबई तक गूंजेगी कार रैली, 2 हजार कारों का काफिला दि.बा पाटील को देगा सम्मान

Thane News: नवी मुंबई एयरपोर्ट का नाम दि.बा. पाटिल के नाम पर रखने की मांग को लेकर भिवंडी से जसाई तक 2 हजार कारों की रैली निकलेगी। सांसद सुरेश म्हात्रे ने चेताया कि न्याय न मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा।
नवी मुंबई हवाई अड्डे का नाम दि.बी. पाटिल (pic credit; social media)
नवी मुंबई हवाई अड्डे का नाम दि.बी. पाटिल (pic credit; social media)
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 Navi Mumbai Airport:  नवी मुंबई एयरपोर्ट का नाम दि.बा. पाटिल के नाम पर रखने की मांग को लेकर भिवंडी से जसाई तक 2 हजार कारों की रैली निकलेगी। सांसद सुरेश म्हात्रे ने चेताया कि न्याय न मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा।

नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का नामकरण दिवंगत नेता और समाज सुधारक दि. बा. पाटिल के नाम पर करने की मांग को लेकर भिवंडी से नवी मुंबई के जसाई गांव तक होने वाली भव्य कार रैली की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। इस ऐतिहासिक रैली में लगभग 2 हजार से ज्यादा कारों का काफिला शामिल होगा।

सांसद सुरेश म्हात्रे उर्फ बाल्या मामा ने बताया कि यह रैली रविवार सुबह 9 बजे भिवंडी के मानकोली से शुरू होगी और अनुशासित ढंग से नवी मुंबई के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए जसाई गांव पहुंचेगी। रैली के दौरान प्रतिभागी डी. बा. पाटिल को श्रद्धांजलि देंगे और उनके सम्मान में जसाई में एक भव्य अभिनंदन सभा का भी आयोजन किया जाएगा।

सांसद म्हात्रे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट किया कि जब तक नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का नाम दिवंगत डी. बा. पाटिल के नाम पर नहीं रखा जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने केंद्र सरकार को चेतावनी दी कि अगर उचित निर्णय नहीं लिया गया तो भूमिपुत्रों का यह आंदोलन उग्र रूप लेगा।

उन्होंने कहा कि दि. बा. पाटिल सिर्फ ठाणे या रायगढ़ तक सीमित नेता नहीं थे, बल्कि वे राष्ट्रीय स्तर पर किसानों, आगरी, कोली और भूमिपुत्र समाज के लिए प्रेरणादायी व्यक्तित्व रहे हैं। उनका योगदान सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में अविस्मरणीय है। इसके बावजूद अब तक उन्हें संकीर्ण मानसिकता के कारण सीमित दायरे में रखा गया।

रैली का मार्ग मानकोली मोथागांव रोड से शुरू होकर खारेगांव, कलवा, विटावा, दीघा, ऐरोली नाका, रबाले, घनसोली, कोपरी गांव, पाम बीच रोड, सानपाड़ा, नेरुल, करावे, नवी मुंबई नगर निगम मुख्यालय, दावी से रेतीबंदर, उरण, एयरपोर्ट रेतीबंदर गेट होते हुए चिंचपाड़ा, परगांव ओवले और अंत में जसाई गांव तक रहेगा।

इस रैली में बड़ी संख्या में आगरी, कोली और भूमिपुत्र समाज के लोग शामिल होंगे। आंदोलनकारियों का कहना है कि यह सिर्फ नामकरण की मांग नहीं, बल्कि भूमिपुत्रों के सम्मान और हक की लड़ाई है।

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