
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: सोशल मीडिया)
Mira Bhayander Minor Girl Exploitation Case: महाराष्ट्र के ठाणे जिले के मीरा भाईंदर इलाके से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक 15 वर्षीय नाबालिग लड़की को न केवल शारीरिक शोषण का शिकार बनाया गया, बल्कि उसे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर नीलाम करने की भी कोशिश की गई। पुलिस कार्रवाई न होने से डरी पीड़िता ने अब मुख्यमंत्री से गुहार लगाई है।
यह सनसनीखेज मामला वालिव पुलिस स्टेशन क्षेत्र का है। पीड़िता के अनुसार, पड़ोस में रहने वाले जावेद नाम के युवक ने पहले उससे दोस्ती की और फिर भरोसे का कत्ल करते हुए चोरी-छिपे उसकी आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो बना लिए। इन्हीं वीडियो के दम पर आरोपी उसे ब्लैकमेल करने लगा। पीड़िता ने आरोप लगाया कि आरोपी उसे जबरन मध्य प्रदेश ले गया, जहाँ एक कमरे में उसे बंधक बनाकर करीब छह महीने तक उसका मानसिक और शारीरिक शोषण किया गया।
यह मामला केवल शारीरिक शोषण तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि साइबर अपराध की पराकाष्ठा तक पहुँच गया। आरोपी ने पीड़िता के नाम और फोटो का इस्तेमाल कर इंस्टाग्राम पर एक फर्जी प्रोफाइल बनाई। आरोप है कि जावेद ने इस प्रोफाइल पर पीड़िता की तस्वीरें पोस्ट कीं और एक ‘रेट कार्ड’ जारी कर उसे ऑनलाइन नीलाम करने की कोशिश की। इस खुलासे के बाद इलाके में आक्रोश है और नाबालिगों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
पीड़िता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि आरोपी उस पर जबरन धर्म परिवर्तन का दबाव बना रहा था और उसकी धार्मिक भावनाओं को लगातार ठेस पहुंचा रहा था। दुखद बात यह है कि पीड़िता पहले से ही बेहद कठिन दौर से गुजर रही थी; हाल ही में उसके पिता का निधन हुआ था। इसी मानसिक कमजोरी और पारिवारिक संकट का फायदा उठाकर आरोपी ने उसे अपनी हवस का शिकार बनाया।
यह भी पढ़ें:- ‘इंटरनेशनल’ शब्द अवैध घोषित! शिक्षा विभाग का बड़ा फैसला, जानें क्या है पूरा मामला
हैरानी की बात यह है कि वालिव पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज होने के बावजूद आरोपी जावेद अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। पीड़िता का दावा है कि आरोपी खुलेआम घूम रहा है और उसे जान से मारने की धमकियां दे रहा है, जिससे पूरा परिवार दहशत में है। स्थानीय पुलिस की ढुलमुल कार्रवाई से तंग आकर पीड़िता ने अब महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखा है। पत्र में उसने आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी, अपने परिवार के लिए सुरक्षा और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।






