'इंटरनेशनल' शब्द अवैध घोषित! शिक्षा विभाग का बड़ा फैसला, जानें क्या है पूरा मामला

Illegal School Names: शिक्षा विभाग ने बिना पात्रता ‘ग्लोबल’, ‘इंटरनेशनल’, ‘सीबीएसई’ शब्दों का उपयोग करने वाले निजी स्कूलों को अवैध बताया है। ऐसे स्कूलों के नाम बदलने और मान्यता की सख्त जांच होगी।
Global International School Name Ban
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: AI)
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Global International School Name Ban: कई निजी स्कूलों ने पात्रता और संलग्नता के मानदंड पूरे किए बिना ही अपने नामों में ‘ग्लोबल’, ‘इंटरनेशनल’ जैसे शब्द जोड़ रखे हैं। शिक्षा विभाग ने इसे अवैध ठहराते हुए ऐसे स्कूलों के नाम बदलने का निर्णय लिया है। इस कदम से उन अभिभावकों को राहत मिलेगी जो आकर्षक नामों से प्रभावित होकर बच्चों का प्रवेश दिलाते हैं। अब शहर या गांव कहीं भी बिना पात्रता के ‘ग्लोबल’ या ‘इंटरनेशनल’ नाम वाली स्कूलें नहीं चल सकेंगी।

महाराष्ट्र शिक्षण संचालनालय ने स्पष्ट किया है कि राज्य शिक्षा मंडल से संलग्न स्कूलों द्वारा ‘इंटरनेशनल’, ‘ग्लोबल’, ‘सीबीएसई’ जैसे शब्दों का उपयोग करना गलत है। इससे अभिभावकों में यह भ्रम पैदा होता है कि स्कूल किसी अंतरराष्ट्रीय या केंद्रीय बोर्ड से जुड़ा है। इस तरह की फर्जी छवि से अभिभावकों को धोखा होने की आशंका रहती है। विभाग ने निर्देश दिए हैं कि स्कूलों की मान्यता की जांच की जाएगी और नाम बदलने के लिए प्रबंधन को आदेश दिए जाएंगे।

सख्त जांच और गाइडलाइन्स

नए मान्यता प्रस्ताव या दर्जा वृद्धि के लिए आने वाले स्कूलों के नामों की सख्त जांच की जाएगी। यदि नाम से अभिभावक और विद्यार्थियों की दिशाभूल होती है तो प्रबंधन को नाम बदलने के निर्देश दिए जाएंगे। शिक्षा विभाग को इस संबंध में पत्र प्राप्त हुआ है जिसमें गाइडलाइन्स दी गई हैं। उसी के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। आगे से किसी भी स्कूल को मान्यता देते समय उसके नाम, मंडल, माध्यम और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर की मान्यता की पुष्टि की जाएगी।

राज्य शिक्षा मंडल से संलग्न स्कूलों को ‘ग्लोबल’ या ‘इंटरनेशनल’ शब्द लगाने की अनुमति नहीं होगी। ऐसे फैंसी शब्द अवैध माने जाएंगे। यदि किसी स्कूल ने नियमों का उल्लंघन किया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस निर्णय से शिक्षा विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि अभिभावकों को भ्रमित करने वाले नामों का उपयोग अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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