

Thane MSRDC Eknath Shinde: ठाणे शहर में खतरनाक इमारतों में रहने वाले नागरिकों को तुरंत राहत देने के लिए उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने क्लस्टर योजना को गति देने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया है कि विकास कार्यों की रफ्तार बढ़ाने के लिए कोपरी, किसननगर और वागले एस्टेट की क्लस्टर परियोजनाओं को अब महाप्रीत से हटाकर एमएसआरडीसी को सौंप दिया जाएगा।
ठाणे जिले में क्लस्टर परियोजनाओं को और अधिक गति देने के लिए सरकार इन्हें 'वाइटल पब्लिक हाउसिंग प्रोजेक्ट' आवास (महत्वपूर्ण सार्वजनिक परियोजना) घोषित करेगी। एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान उपमुख्यमंत्री शिंदे ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि यह देश की पहली इतनी बड़ी समूह विकास (क्लस्टर डेवलपमेंट) योजना है। यह केवल एक हाउसिंग प्रोजेक्ट नहीं है, बल्कि नागरिकों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने और उन्हें सुरक्षित घर का अधिकार देने वाला एक बड़ा बदलाव है।
बुनियादी ढांचे के विकास में एमएसआरडीसी के बड़े अनुभव को देखते हुए सरकार ने यह अहम निर्णय लिया है। उपमुख्यमंत्री शिंदे ने प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि महाप्रीत से एमएसआरडीसी को काम सौंपने की जो भी कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया जरूरी है, उसे बिना किसी देरी के तुरंत पूरा किया जाए। इसके लिए आवश्यक कानूनी कागजी कार्रवाई को भी तेज गति से निपटाने के लिए कहा गया है।
क्लस्टर पुनर्वास परियोजना के लिए ठाणे एमआईडीसी की 60.72 हेक्टेयर भूमि को जल्द से जल्द ट्रांसफर करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पहले इस भूमि के बदले 12.5 प्रतिशत विकसित जमीन वापस देने की बात तय हुई थी। हालांकि, कुछ भूखंडों के आवंटन और आदिवासी पुनर्वास जैसे लंबित मामलों के कारण इसमें देरी हो रही थी। अब उद्योग विभाग की मंजूरी के साथ अगले एक सप्ताह के भीतर एमआईडीसी और टीएमसी के बीच त्रिपक्षीय समझौते को अंतिम रूप देकर भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
ठाणे के वागले एस्टेट के साथ-साथ नवी मुंबई, कल्याण-डोंबिवली और वसई-विरार के एमआईडीसी क्षेत्रों में भी क्लस्टर योजना के माध्यम से पुनर्विकास करने का सरकार का प्रयास है। खतरनाक इमारतों में रहने वाले लोगों के सुरक्षित पुनर्वास के लिए सरकार ठाणे क्लस्टर योजना की तर्ज पर ही काम करेगी। उपमुख्यमंत्री शिंदे ने बैठक में यह भी साफ किया कि क्लस्टर पुनर्विकास योजना को लागू करते समय प्रभावित लोगों के रहने के लिए ट्रांजिट फ्लैट (पारगमन आवास) बनाने के काम को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए