अजित पवार का सबसे बड़ा 'विकास आंदोलन' बारामती का कायाकल्प रहा है। 1990 के दशक में सूखे की मार झेलने वाले इस क्षेत्र को उन्होंने अपनी दूरदर्शी योजना से कृषि, ऑटोमोबाइल और एजुकेशन हब में बदल दिया। ड्रिप इरिगेशन अभियान, विश्वस्तरीय सड़कें और 'एमआईडीसी' (MIDC) की स्थापना कर उन्होंने यह साबित किया कि इच्छाशक्ति से किसी भी क्षेत्र की तस्वीर बदली जा सकती है।