गैस पाइपलाइन ब्लास्ट मामले में बड़ा एक्शन, भाजपा पार्षद पर भी एफआईआर दर्ज

Gas Pipeline Blast Case:इंदौर के विजय नगर में हुए अवंतिका गैस पाइपलाइन ब्लास्ट मामले में हाईकोर्ट मजिस्ट्रेट के निर्देश पर भाजपा पार्षद बालमुकुंद सोनी समेत पांच लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
Police register FIR against BJP councillor Balmukund Soni and four others in the Indore Avantika Gas pipeline blast case.
बीजेपी पार्षद बालमुकुन्द सोनी (फोटो सोर्स - नवभारत)
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Indore FIR Filed Against BJP Councillor: इंदौर के विजय नगर थाना क्षेत्र में 23 जून को हुए अवंतिका गैस पाइपलाइन ब्लास्ट मामले में बड़ा कानूनी घटनाक्रम सामने आया है। हाईकोर्ट मजिस्ट्रेट के निर्देश के बाद भाजपा पार्षद बालमुकुंद सोनी, खुदाई करवाने वाले कपिल शर्मा समेत पांच लोगों के खिलाफ विजय नगर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। मामले में पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

खुदाई के दौरान फटी थी गैस पाइपलाइन

जानकारी के अनुसार, 23 जून को पंचमुखी हनुमान मंदिर के पास खुदाई के दौरान अवंतिका गैस लिमिटेड की पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी। पाइपलाइन टूटने के बाद गैस रिसाव हुआ और देखते ही देखते भीषण विस्फोट के साथ आग लग गई। हादसे में एक महिला सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर सहित पांच लोग गंभीर रूप से झुलस गए थे। महिला की हालत गंभीर होने पर उसे एयर एंबुलेंस के जरिए उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर किया गया था।

खुदाई की अनुमति को लेकर स्थिति स्पष्ट नही

घटना में सबसे महत्वपूर्ण यह है की यह खुदाई किसकी अनुमति से हो रही थी, मामले में नगर निगम की तरफ से यह स्पष्ट किया जा चूका है की उसने किसी भी प्रकार की खुदाई की अनुमति नही दी थी, इससे बीजेपी पार्षद की मुश्किलें बढ सकती है।

जनहित याचिका के बाद अदालत का सख्त रुख

इस घटना को लेकर वरिष्ठ अधिवक्ता रितेश ईनानी ने जनहित याचिका दायर की थी। मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट मजिस्ट्रेट सुबोध अभ्यंकर ने घटना की जिम्मेदारी तय करने और संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। अदालत के आदेश के बाद विजय नगर थाना पुलिस ने भाजपा पार्षद बालमुकुंद सोनी, कपिल शर्मा सहित कुल पांच आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया।

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जांच जारी, बढ़ सकती है कार्रवाई

पुलिस ने न्यायालय में अपनी स्टेटस रिपोर्ट भी प्रस्तुत कर दी है। वहीं, इंदौर नगर निगम से खुदाई की अनुमति और अन्य संबंधित दस्तावेजों की जानकारी अभी प्राप्त की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की विस्तृत विवेचना जारी है। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे भी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। इस मामले पर प्रशासन और पुलिस की अगली कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है।

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