

Devendra Fadnavis Untold Stories: जब भी हम टीवी या अखबारों में देवेंद्र फडणवीस को देखते हैं, तो हमारे सामने एक गंभीर राजनेता, आंकड़ों को उंगलियों पर नचाने वाले मुख्यमंत्री या विरोधियों को तीखे बयानों से पस्त करने वाले 'चाणक्य' की छवि आती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि फाइलें देखने और रैलियां करने के अलावा भी देवेंद्र फडणवीस की एक अलग दुनिया है?
22 जुलाई 2026 को अपना 56वां जन्मदिन मना रहे भारतीय जनता पार्टी के नेता और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के व्यक्तित्व के कुछ ऐसे भी पहलू हैं, जो राजनीति की चकाचौंध में अक्सर पीछे छूट जाते हैं। आइए जानते हैं द अनटोल्ड देवेंद्र की वो बातें, जो आपको हैरान कर देंगी।
बहुत कम लोग जानते हैं कि देवेंद्र फडणवीस के पास केवल वकालत (LLB) की डिग्री ही नहीं है, बल्कि उनका विदेशी यूनिवर्सिटी से भी गहरा नाता है। उन्होंने जर्मनी के बर्लिन से प्रोजेक्ट मैनेजमेंट में पोस्ट-ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है।
यही वजह है कि जब वह महाराष्ट्र में बड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की कमान संभालते हैं, तो उनकी प्लानिंग बेहद सटीक होती है। चाहे नागपुर-मुंबई समृद्धि महामार्ग का रिकॉर्ड समय में बनना हो, मेट्रो का जाल बिछाना हो या बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट को रफ्तार देना हो, उनके काम में बर्लिन में सीखी गई मॉडर्न प्लानिंग और इंटरनेशनल विजन साफ दिखाई देता है।
सियासत के गलियारों में रहने वाले फडणवीस के भीतर एक संवेदनशील कलाकार भी छुपा है। छात्र जीवन के दौरान नागपुर में उन्हें थियेटर (नाटक) और एक्टिंग का काफी शौक था। इसके साथ ही उन्हें कविताएं लिखने और पढ़ने का बेहद शौक है।
विधानसभा में दिए गए उनके कई ऐतिहासिक भाषण शेरो-शायरी और कविताओं से सजे होते हैं। साल 2019 में विपक्ष के नेता बनते वक्त जब उन्होंने सदन में कहा था- "मेरा पानी उतरता देख मेरे किनारे पर घर मत बना लेना, मैं समंदर हूं, लौटकर वापस आऊंगा!" तो पूरा सदन तालियों से गूंज उठा था। यह शब्दों का चयन और पेश करने का अंदाज उनके साहित्यिक शौक की ही देन है।
यह देवेंद्र फडणवीस के जीवन का सबसे मजेदार और अनसुना किस्सा है। अपने शुरुआती राजनीतिक दिनों में, नागपुर के एक स्थानीय कपड़ा ब्रांड के आग्रह पर देवेंद्र फडणवीस ने एक मॉडल के रूप में फोटोशूट कराया था। उनकी वह तस्वीर एक बड़े होर्डिंग पर भी लगी थी। हालांकि, मेयर बनने के बाद उन्होंने इस ग्लैमरस दुनिया से दूरी बना ली, लेकिन यह किस्सा दिखाता है कि वह अपने करीबियों और दोस्तों की बात रखने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं।
देवेंद्र फडणवीस को नई टेक्नोलॉजी और गैजेट्स का बेहद शौक है। वह खुद को हमेशा अपडेट रखते हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के कामकाज में पेपरलेस वर्क और डिजिटल पारदर्शिता लाने के पीछे उनका यही शौक रहा है। वह खुद सोशल मीडिया, डेटा एनालिसिस और नई सरकारी ऐप्स की मॉनिटरिंग में गहरी रुचि लेते हैं। उनके करीबी बताते हैं कि देर रात तक काम करने के बाद भी वह तकनीक और वैश्विक अर्थव्यवस्था से जुड़ी नई किताबें और आर्टिकल्स पढ़ना नहीं भूलते।