Major protests in India: इतिहास गवाह है कि जब-जब जनता अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर उतरी है, सरकारों को अपने फैसले बदलने पड़े हैं। इस समय देश की राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर भी बड़ी संख्या में युवा विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। ऐसे में आजाद भारत के प्रमुख आंदोलनों को याद करना प्रासंगिक हो जाता है। केरल में वर्षावनों को बचाने के लिए चला 'सेव साइलेंट वैली' आंदोलन आजाद भारत के पहले बड़े जन-प्रतिरोधों में से एक था। वहीं, 70 के दशक में चमोली की महिलाओं द्वारा पेड़ों से चिपककर चलाया गया 'चिपको आंदोलन' वन संरक्षण का प्रतीक बना और 15 वर्षों के लिए व्यावसायिक कटाई पर रोक लगी।
इसी प्रकार 1974 में समाजवादी नेता जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व वाले 'जेपी आंदोलन' ने संपूर्ण क्रांति का आह्वान किया था। उनके इस आंदोलन ने देश में पहली गैर-कांग्रेसी सरकार की नींव रखी थी। 2011 में अन्ना हजारे के 'जन लोकपाल आंदोलन' ने भ्रष्टाचार विरोधी चेतना जगाई, जबकि 2012 के 'निर्भया आंदोलन' ने महिला सुरक्षा कानूनों में कठोर बदलावों को जन्म दिया। ये सभी आंदोलन दिखाते हैं कि जनता के आगे सत्ता को हमेशा झुकना पड़ा है।