

Jabalpur Congress Protest: जबलपुर में राहुल गांधी की गिरफ्तारी के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मालवीय चौक पर केंद्र सरकार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ प्रदर्शन किया। नगर कांग्रेस और स्थानीय नेताओं के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन में शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी की गई। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच तीखी झड़प हो गई, जिसके बाद हालात तनावपूर्ण बन गए।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री का पोस्टर और पुतला जलाने का प्रयास किया। मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने पोस्टर छीनने की कोशिश की, जिसके बाद कांग्रेस नेताओं और पुलिस के बीच विवाद बढ़ गया। आरोप है कि इस दौरान कांग्रेस नेता आलोक मिश्रा ने कोतवाली थाना प्रभारी मानस द्विवेदी की कॉलर पकड़ ली और उनके साथ धक्का-मुक्की की। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन बिना पूर्व अनुमति और सूचना के आयोजित किया गया था।
स्थिति बिगड़ने पर लालगंज, मदन महल, कोतवाली और ओमती थाना पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया। जब प्रदर्शनकारी नहीं माने तो पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इसके बावजूद कुछ कार्यकर्ता मशाल लेकर अंजुमन स्कूल की ओर बढ़ गए, जबकि अन्य दोबारा मालवीय चौक पर एकत्र होकर विरोध प्रदर्शन करने लगे। दोबारा पोस्टर जलाने की कोशिश पर पुलिस ने फिर से वाटर कैनन चलाया।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेता सौरभ नाटी शर्मा, आलोक मिश्रा, अभिषेक चिंटू चौकसे, अमरीश मिश्रा और अनुराग जैन गढ़वाल सहित कई नेताओं की पुलिस अधिकारियों से तीखी बहस और धक्का-मुक्की हुई। हालात को देखते हुए पुलिस ने कई कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।
कांग्रेस नेता सौरभ नाटी शर्मा ने आरोप लगाया कि छात्रों की आवाज उठाने वालों पर लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार विपक्ष की आवाज दबाने के लिए तानाशाही रवैया अपना रही है और जनता की मांग के बावजूद केंद्रीय शिक्षा मंत्री को बचाने का प्रयास कर रही है।
पुलिस कार्रवाई के बाद भी प्रदर्शनकारी मौके पर डटे रहे और देर रात तक विरोध प्रदर्शन जारी रहा। काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने स्थिति पर नियंत्रण पाया। पूरे घटनाक्रम के दौरान मालवीय चौक और आसपास के क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात रहा।