तिरुपति की तर्ज पर अब साईंबाबा मंदिर की नई 'दान नीति', श्रद्धालुओं को मिलेगा इस सुविधा का लाभ

शिरडी साईं बाबा के भक्तों के लिए खुशखबरी है। साईं बाबा मंदिर में 10 हजार रुपये या इससे अधिक दान देने वाले भक्तों को अब मंदिर में आरती का विशेष लाभ मिलेगा।
shirdi sai baba temple new policy ( photo cre4dit, social media)
साईंबाबा मंदिर में भक्तों को मिलेगा सुविधा का लाभ
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अहमदनगर : शिरडी साईं बाबा के भक्तों के लिए खुशखबरी है। साईं बाबा मंदिर में 10 हजार रुपये या इससे अधिक दान देने वाले भक्तों को अब मंदिर में आरती का विशेष लाभ मिलेगा। पहले यह सीमा 25 हजार थी। इसलिए कई भक्तजन इच्छा के बावजूद आरती का लाभ नहीं उठा पाते थे।

हालांकि, शिरडी के साईंबाबा संस्थान ने भक्तों के लिए नई 'दान नीति' की घोषणा की है. यह नीति तिरुपति बालाजी मंदिर की तर्ज पर लागू की जाएगी।

 दान नीति कैसे करेगी काम

  • जो भक्त 10,000 रुपये से 50,000 रुपये तक दान करेंगे, उन्हें पांच सदस्यों के लिए विशेष आरती का लाभ मिलेगा। 50,000 से 100,000 रुपये तक दान करने वाले भक्तों को साल में एक बार दो आरती और परिवार के पांच सदस्यों के लिए मुफ्त दर्शन का लाभ मिलेगा।
  • 1 लाख से लेकर 10 लाख रुपये तक का दान करने वालों को साल में एक बार दर्शन और दो वीवीआईपी आरती का आनंद लेने की सुविधा मिलेगी।
  • जो भक्त 100,000 रुपये से 150,000 रुपये तक दान करेंगे, उन्हें साल में दो बार वीवीआईपी आरती देखने का मौका मिलेगा और पांच सदस्यों को साल में एक बार आजीवन वीआईपी दर्शन की सुविधा दी जाएगी।
  • 5 लाख रुपये से अधिक दान देने वाले भक्तों के लिए तीन वीवीआईपी आरती। और साल में दो बार आजीवन वीआईपी दर्शन।
  • पंढरपुर की तर्ज पर सामान्य दर्शन कतार में शुरुआत में आए दो भक्तों को मिलेगा आरती का लाभ।

संस्था के पास कितना है सोना?

साईं बाबा के दर्शन के लिए आने वाले भक्त साईं बाबा के चरणों में सोना, चांदी, कीमती आभूषण और नकदी के रूप में दान चढ़ाते हैं। वर्तमान में साईं बाबा संस्थान के पास कुल 514 किलोग्राम सोना है। सोने का आधा हिस्सा दैनिक पूजा के लिए उपयोग किया जाता है। इसमें साईं बाबा का सिंहासन, सोने का मुकुट, मंदिर के आभूषण और हार शामिल हैं। शेष बचा हुआ सोना जो उपयोग में नहीं आता है, उसे स्ट्रांग रूम में पूरी तरह सुरक्षित रखा जाता है।

अब तक नहीं हुआ फैसला

संस्थान ने 2021 में 155 किलोग्राम सोना पिघलाकर 1, 2 और 5 ग्राम वजन के सिक्के बनाने का प्रस्ताव प्रस्तुत किया था। इस प्रस्ताव को 2023 में सरकार की मंजूरी मिलेगी। हालांकि, इसके खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। मुख्य कार्यकारी अधिकारी गोरक्ष गाडिलकर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि मामला फिलहाल कोर्ट में लंबित है और अभी तक कोई निर्णय नहीं हुआ है।

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