शिरडी में साईं भक्तों का सैलाब, मंदिर प्रशासन नए साल के स्वागत के लिए तैयार, कड़ी सुरक्षा

Shirdi Sai Baba Temple: नए साल 2026 के स्वागत के लिए शिरडी में साईं भक्तों का भारी सैलाब उमड़ा है, साईंबाबा मंदिर प्रशासन ने कड़ी सुरक्षा और विशेष व्यवस्थाएं की हैं।
New Year 2026 Shirdi
शिरडी में साईं भक्तों का सैलाब
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New Year 2026 Shirdi: शिरडी में श्री साईंबाबा मंदिर आने वाले नए साल 2026 के स्वागत और वर्ष 2025 को विदा करने के लिए पूरी तरह तैयार है। क्रिसमस की छुट्टियों के साथ शनिवार-रविवार की छुट्टियों के कारण शिरडी में भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा है और पूरा शहर ‘साईंमय’ हो गया है। भक्ति के इस जनसैलाब से शिरडी की सड़कें, चौराहे और गलियां भक्तों से खचाखच भर गई हैं। क्रिसमस की छुट्टियों के दौरान देशभर से लाखों श्रद्धालु शिरडी पहुंच रहे हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 25 दिसंबर को एक ही दिन में एक लाख से अधिक भक्तों ने साईंबाबा की समाधि के दर्शन किए। शनिवार और रविवार की छुट्टियों ने भीड़ को और बढ़ा दिया है।

भीड़ इतनी अधिक है कि भक्तों को साईंबाबा की समाधि के दर्शन के लिए 6 से 7 घंटे तक प्रतीक्षा करनी पड़ रही है। हालांकि, घंटों लाइन में खड़े रहने के बावजूद भक्तों के उत्साह में कोई कमी नहीं देखी जा रही है। बढ़ती भीड़ को देखते हुए साईंबाबा संस्थान प्रशासन ने व्यापक और सतर्क योजना बनाई है। भक्तों के ठहरने, दर्शन, स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए विशेष टीमें तैनात की गई हैं। पुलिस प्रशासन और मंदिर प्रशासन ने संयुक्त रूप से सुरक्षा व्यवस्था का खाका तैयार किया है, और आने वाले कुछ दिनों तक इसी तरह भारी भीड़ बने रहने की संभावना जताई गई है। संस्थान के अनुमान के अनुसार, आज करीब डेढ़ से दो लाख श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच सकते हैं।

आठ दिन का विशेष उत्सव शुरू

साईंबाबा संस्थान 25 दिसंबर 2025 से 1 जनवरी 2026 तक आठ दिवसीय विशेष उत्सव मना रहा है। इस उत्सव का मुख्य आकर्षण 30 दिसंबर से 1 जनवरी तक के तीन दिन रहेंगे। संस्थान के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) गोरक्ष गाडिलकर ने बताया कि इस दौरान विविध धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है।

मंदिर रात भर खुला रहेगा

नए साल के स्वागत के अवसर पर प्रशासन ने साईंबाबा के समाधि मंदिर को 31 दिसंबर की रात भर खुला रखने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है, ताकि शिरडी आने वाला प्रत्येक श्रद्धालु दर्शन कर सके। 31 दिसंबर की रात मंदिर परिसर के बाहर मुख्य मंच पर सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे। भक्तों की सुविधा के लिए संस्थान के सभी तंत्र युद्धस्तर पर कार्यरत हैं। ये भी पढ़: शिवसेना जिला प्रमुख और पिता के खिलाफ हुड़केश्वर में केस दर्ज, 111 ग्राम सोने के गहनों की धोखाधड़ी

ट्रांसपोर्ट व्यवस्था में बदलाव

भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए मंदिर परिसर के आसपास की परिवहन व्यवस्था में भी कुछ बदलाव किए गए हैं। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से सहयोग करने की अपील की है। श्रद्धा, विश्वास और बेहतर योजना के साथ शिरडी शहर नए साल के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार नजर आ रहा है।

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