गोडसे मुसलमान उसका खतना... ओवैसी का 'विस्फोटक' बयान, बोले- अल्लाह देगा अन्याय का जवाब

महाराष्ट्र के अहमदनगर में एक जनसभा को संबोधित करते AIMIM चीफ ओवैसी ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि कुछ राजनेता जनता के साथ मीठा बोलकर धोखा देते है। राजनीति में सदियों से चला आ रहा है।
asaduddin-owaisi-ahmednagar-speech-godse-muslim-fadnavis-yogi-attack
एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी (फोटो- सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

AIMIM Cheaf Asaduddin Owaisi: असदुद्दीन ओवैसी ने महाराष्ट्र के अहमदनगर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए एक सनसनीखेज दावा किया है। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे ने गिरफ्तारी के बाद खुद को मुसलमान बताया था ताकि देश में दंगे भड़क सकें। अपने आक्रामक अंदाज के लिए जाने जाने वाले ओवैसी यहीं नहीं रुके, उन्होंने केंद्र सरकार से मिले एक नोटिस पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'मैं मर्द हूं, इस नोटिस को ठुकराता हूं'। उनके इस भाषण की राजनीति में गलियारों में खूब चर्चा हो रही है। उन्होंने आगे कहा कि "गांधीजी की हत्या के बाद जब नाथूराम गोडसे को गिरफ्तार किया गया, तब उसने कहा था- मैं मुसलमान हूं, मेरा खतना हुआ है... क्योंकि वह चाहता था कि देश में हिंदू-मुस्लिम दंगे भड़कें। गांधीजी की हत्या कर इन लोगों ने खुद को वीर समझा।"

ओवैसी ने गांधी हत्याकांड की साजिश का जिक्र करते हुए कहा कि नारायण आपटे, विष्णु करकरे, मदनलाल पाहवा और नाथूराम गोडसे ने मिलकर बापू की हत्या की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि गोडसे ने जानबूझकर अपनी पहचान छिपाने की कोशिश की और चाहता था कि देश हिंदू-मुस्लिम दंगों की आग में जल जाए। ओवैसी के अनुसार, विकृत राजनीति का यह सिलसिला उसी दौर से शुरू हुआ था और आज भी कुछ नेता मीठा बोलकर और झूठ बोलकर जनता को धोखा देने का काम कर रहे हैं।

फडणवीस और योगी पर सीधा हमला

अपने भाषण में ओवैसी ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा, "आप नरेंद्र मोदी की तरह झूठ बोलना सीख गए हैं। किसानों की फसलें बर्बाद हो गई हैं और उन्हें सिर्फ मदद नहीं, बल्कि कर्जमाफी चाहिए।" उन्होंने फडणवीस को उनका पुराना पत्र याद दिलाया, जिसमें विपक्ष में रहते हुए उन्होंने कर्जमाफी की मांग की थी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि 'बाबा' के राज में दलितों पर सबसे ज्यादा अत्याचार हुए हैं, जहां एक दलित जज पर सिर्फ उनकी जाति के कारण जूता फेंका गया।

अन्याय का जवाब अल्लाह देगा

ओवैसी ने संघ प्रमुख मोहन भागवत की चुप्पी पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि जब सुप्रीम कोर्ट के एक दलित जज पर हमला हुआ तो भागवत चुप क्यों रहे? देश में दलितों पर हो रहे अत्याचार पर उनकी खामोशी का क्या मतलब है? केंद्र सरकार के नोटिस पर उन्होंने कहा कि अगर आज गांधी जिंदा होते तो वे भी इस अन्याय का विरोध करते। अंत में उन्होंने अपने समर्थकों से भावनात्मक अपील करते हुए कहा, "आपके साथ अन्याय हो रहा है, लेकिन आप सहन करें। हम हिंदुस्तान में जन्मे हैं और इसी मिट्टी में मरेंगे. हम पर हुए अन्याय का जवाब हमारा अल्लाह देगा।"

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com