
पुणे जिला परिषद (सौ. सोशल मीडिया )
Pune Zila Parishad Elections: पुणे जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों के लिए पिछले कई दिनों से जारी गहमागहमी और प्रचार का शोर आज पूरी तरह थम जाएगा। प्रशासन ने चुनाव को निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए कमर कस ली है।
जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी जितेंद्र डूडी ने इस संबंध में महत्वपूर्ण निर्देश जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि 5 फरवरी की रात 10 बजे के बाद सार्वजनिक प्रचार पर पूर्णतः प्रतिबंध लागू हो जाएगा। इसके साथ ही मतदान के दिन किसी भी प्रकार के चुनावी विज्ञापन के प्रकाशन और प्रसारण पर भी रोक लगा दी गई है।
पुणे जिला प्रशासन के अनुसार, मतदान 7 फरवरी को निर्धारित है। आचार संहिता के कड़े नियमों के तहत, प्रचार की समयसीमा समाप्त होते ही ‘मौन अवधि’ (साइलेंस पीरियड) शुरू हो जाएगी। जिलाधिकारी डूडी ने बताया कि इस अवधि के दौरान मतदाताओं को प्रभावित करने की किसी भी कोशिश को कानूनन अपराध माना जाएगा।
यह प्रतिबंध केवल रैलियों या सभाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें अखबार, टीवी, रेडियो, सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर किए जाने वाले विज्ञापन भी शामिल हैं। महाराष्ट्र जिला परिषद एवं पंचायत समिति अधिनियम, 1961 की धारा 28 (ब) (1) का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि मतदान शुरू होने से 24 घंटे पहले किसी भी तरह की सार्वजनिक सभा आयोजित करना वर्जित है, ताकि मतदाता शांत वातावरण में अपना निर्णय ले सकें।
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