अकोला मनपा में स्थायी समिति को लेकर घमासान, पंजीकरण में देरी से चयन अटका

Political News Akola: अकोला मनपा में स्थायी समिति गठन को लेकर सभी दलों में रस्साकशी तेज है। कांग्रेस पंजीयन के बाद ही सदस्य चयन होगा। शहर सुधार समिति को 9 और एमआईएम को 1 सदस्य मिलने की संभावना है।
Akola Municipal Corporation tussle over standing committee, delay in registration stalls selection
अकोला महानगरपालिका तस्वीर(सौजन्य-सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Akola Municipal Corporation: अकोला महापौर और उपमहापौर के चुनाव संपन्न होने के बाद अब पार्षदों की निगाहें स्थायी समिति पर टिक गई हैं। स्थायी समिति का अध्यक्ष कौन बनेगा, इससे अधिक पार्षदों की दिलचस्पी इस बात में है कि वे स्वयं स्थायी समिति के सदस्य बनें। इसी कारण सभी दलों के इच्छुक पार्षदों में जोरदार रस्साकशी शुरू हो गई है। कई पार्षद तो अपने-अपने दलों के वरिष्ठ नेताओं के दरबार में सक्रिय होकर सदस्यता पाने की कोशिश कर रहे हैं। 16 सदस्यीय स्थायी समिति में शहर सुधार समिति के 9 सदस्य चुने जाने वाले हैं, जिससे विरोधी गुट को स्थायी समिति अध्यक्ष पद पर दावा छोड़ना पड़ सकता है।

मनपा में स्थायी समिति का महत्व अत्यधिक है क्योंकि आर्थिक विषय, देयक, विकास कार्यों के प्रस्ताव और लेखा परीक्षक की साप्ताहिक रिपोर्ट इसी समिति से जुड़ी होती है। अध्यक्ष का कार्यकाल भले ही एक वर्ष का हो, लेकिन पद की अहमियत के कारण इस पर हमेशा जोरदार प्रतिस्पर्धा रहती है। भाजपा ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी शरद पवार गुट के 3, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी अजीत पवार गुट का 1, शिवसेना शिंदे गुट का 1 और महानगर विकास समिति का 1 सदस्य मिलाकर कुल 44 सदस्यों वाली शहर सुधार समिति बनाई है। इस संख्या के आधार पर समिति के 8.8 सदस्य स्थायी समिति में जाएंगे।

निर्दलीय विधायक आशीष पवित्रकार का समर्थन मिले या न मिले, यह संख्या स्थिर रहेगी। कांग्रेस का संख्याबल 21 है, जिससे उसके 4.2 सदस्य स्थायी समिति में जाएंगे। शिवसेना उबाठा के 6 सदस्य बल पर 1.2 सदस्य, वंचित के 5 सदस्य बल पर 1 सदस्य और एमआईएम के 3 सदस्य बल पर 0.6 सदस्य स्थायी समिति में जाएंगे। चूंकि शहर सुधार समिति का अपूर्णांक सबसे बड़ा है, इसलिए उसके 9 सदस्य और उसके बाद एमआईएम का एक सदस्य स्थायी समिति में नियुक्त होगा।

सभी दलों में प्रतिस्पर्धा

अकोला शहर सुधार समिति का संख्याबल 144 होने के कारण स्थायी समिति सदस्यता के लिए सबसे अधिक प्रतिस्पर्धा इसी समिति में है। साथ ही कांग्रेस, वंचित और उबाठ में भी स्थायी समिति सदस्य बनने के लिए जोरदार रस्साकशी जारी है।

शुक्रवार को कांग्रेसी पार्षदों का होगा पंजीयन

प्राप्त जानकारी के अनुसार शुक्रवार को कांग्रेसी पार्षद, कांग्रेसी विधायक साजिद खान पठान के साथ जाकर अमरावती विभागीय आयुक्त के पास अपना पंजीयन करवाएंगे। इसके लिए सभी पार्षदों द्वारा तैयारी पूरी कर ली गयी है।

सदस्य चयन में लगेगा समय

  • कांग्रेस और निर्दलीय पार्षदों ने अभी तक विभागीय आयुक्त के पास पंजीकरण नहीं कराया है।
  • राजपत्र में पार्षदों के नाम प्रकाशित होने के एक महीने के भीतर पंजीयन करना अनिवार्य है।
  • 19 जनवरी को नाम प्रकाशित हुए थे, इसलिए 19 फरवरी तक पंजीकरण कर गटनेता का चयन करना होगा।
  • जब तक कांग्रेस का पंजीकरण विभागीय आयुक्त कार्यालय में पूरा नहीं होता, तब तक स्थायी समिति सदस्य का चयन संभव नहीं है।
  • इस कारण चयन प्रक्रिया में कुछ और दिन लगने की संभावना है।
Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com