23 गांवों को मिलेगा नया जीवन: मनपा लेगी 2000 करोड़ का विश्व बैंक कर्ज, पुणे के ग्रामीण क्षेत्रों को राहत

Pune PMC Villages: पुणे मनपा में शामिल 23 गांवों में जलापूर्ति और सीवेज परियोजनाओं के लिए विश्व बैंक से 2000 करोड़ रुपये का कर्ज लेने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।
23 villages to get a new lease of life: Municipal Corporation to take 2000 crore World Bank loan, providing relief to rural areas of Pune
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
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World Bank Loan Water Supply Project: पुणे मनपा में शामिल किए गए 23 गांवों के निवासियों के लिए राहत भरी खबर है। बुनियादी सुविधाओं के अभाव और विकास की धीमी गति को देखते हुए प्रशासन ने एक बड़ा आर्थिक कदम उठाया है।

इन गांवों में जलापूर्ति और सीवेज (निकासी) जैसी मूलभूत परियोजनाओं को अमलीजामा पहनाने के लिए विश्व बैंक से 2000 करोड़ रुपये का कर्ज लेने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। हाल ही में विश्व बैंक के अधिकारियों ने इन गांवों का दौरा कर जायजा लिया है।

सागतः लगभग 790 करोड रुपये।

अवसंरचनाः चार अत्याधुनिक सीवेज ट्रीटमेंट प्लाट (एसटीपी) का निर्माण।

नेटवर्क: 378 किलोमीटर लंबी मुख्य संकलन लाइनें और 77 किलोमीटर सहायक ड्रेनेज लाइने।

तकनीकी पेंचः पांच साल से विकास कार्य ठप नागरिकों को सड़क, पानी और ड्रेनेज जैसी सुविधाएं प्रदान करना जुलाई 2021 में राज्य सरकार ने इन 23 गांवों को मनपा की सीमा में शामिल किया था। मुख्य उद्देश्य अवैध निर्माण रोकना और था।

हालांकि, विकास योजना (डीपी) को लेकर पुणे महानगर क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण (पीएमआरडीए) और मनपा के बीच फंसे तकनीकी पेच के कारण बीते पांच वर्षों से विकास कार्य ठप पड़े थे।

सुविधाओं के बिना प्रॉपर्टी टैक्स वसूली के कारण स्थानीय नागरिकों में गहरा रोष था। अब विकास योजना के अधिकार मनपा को वापस मिलने के बाद प्रशासन ने सक्रियता बढ़ा दी है।

790 करोड़ रुपये में बनेगा सीवेज प्रोजेक्ट

प्रशासन ने सीवेज प्रबंधन के लिए एक व्यापक मास्टर प्लान तैयार किया है। इसमें 23 में से 16 गांवों की निविदा प्रक्रिया पहले ही अंतिम चरण में है। मुख्य रूप से शहर के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों वाघोली, लोहगांव, मांजरी, शेवालवाडी, वडाचीवाडी, औताडवाडी, हंडेवाड़ी और बावधन के लिए एकीकृत सीवेज योजना बनाई गई है।

हर घर नल और मीटर की योजना

जलापूर्ति के मोर्चे पर प्रशासन 'जल जीवन मिशन के मानकों को अपना रहा है। लोहगाव-वाघोली क्षेत्र के लिए 323 करोड़ रुपये का काम पहले ही शुरू हो चुका है। शेष गांथों के लिए जल शोधन केंद्र (डब्ल्यूटीपी), पानी की नई टंकियां और घरेलू पानी के मीटर लगाने जैसे कार्यों को 5-6 पैकेजों में चांटा गया है।

मनपा में शामिल 23 गांवों में जलापूर्ति और सीवेज प्रबंधन के लिए विश्व बैंक से 2 हजार करोड़ रुपये का कर्ज लेने के प्रयास शुरू है। इस फंड से रुकी हुई परियोजनाओं को गति दी जा सकेगी और नागरिकों को जल्द ही बेहतर सुविधाएं मिलेगी।

- नवल किशोर राम, महानगर पालिका आयुक्त

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