स्वतंत्रता दिवस तक नहीं सीख पाए मराठी तो सीधे लाइसेंस कैंसल, प्रताप सरनाइक ने दी ऑटो-टैक्सी चालकों को चेतावनी

Pratap Sarnaik Warning: शिवसेना विधायक प्रताप सरनाइक ने ऑटो-टैक्सी चालकों को दी बड़ी चेतावनी।15 अगस्त तक मराठी नहीं सीखी, तो सीधे रद्द होगा लाइसेंस। जानें क्या है पूरा मामला।
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प्रताप सरनाईक (सोर्स: डिजाइन फोटो)
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Auto Taxi Drivers Learn Marathi Or License Cancel: महाराष्ट्र में ऑटो और टैक्सी चलाने वाले उन चालकों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है जो राज्य की स्थानीय भाषा मराठी से अभी भी पूरी तरह अनजान हैं। महाराष्ट्र के वरिष्ठ नेता और मंत्री प्रताप सरनाइक ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि अगर आगामी 15 अगस्त मतलब स्वतंत्रता दिवस तक चालकों ने व्यावहारिक मराठी बोलना नहीं सीखा, तो 16 अगस्त से उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। इस बार प्रशासन का रुख काफी सख्त है और नियमों का उल्लंघन करने वालों का ड्राइविंग लाइसेंस सीधे रद्द किया जा सकता है।

भाषा नहीं सीखी तो भुगतना होगा अंजाम

मीडिया से बातचीत के दौरान प्रताप सरनाइक ने इस बात पर जोर दिया कि महाराष्ट्र में रहने और काम करने वालों को यहां की संस्कृति और भाषा का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा, पिछले कई सालों से राज्य में हमारे हिंदी भाषी भाई रिक्शा और टैक्सी चला रहे हैं। महाराष्ट्र मोटर वाहन नियम 1989 के नियम 4, 22, 78 और 85 के तहत यह प्रावधान है कि रिक्शा चालकों को व्यावहारिक मराठी भाषा का ज्ञान होना चाहिए ताकि वे यात्रियों के साथ प्रभावी ढंग से संवाद कर सकें।

सरनाइक ने आगे बताया कि सरकार ने चालकों को पर्याप्त समय और संसाधन दिए हैं। उन्होंने कहा, पिछले तीन महीनों से हम अपने हिंदी भाषी भाइयों को व्यावहारिक मराठी सिखा रहे हैं। इस कार्य के लिए राज्य भर में 450 से अधिक शिक्षक नियुक्त किए गए हैं जो चालकों को भाषा का ज्ञान दे रहे हैं। रिक्शा संगठनों के नेताओं की मांग पर हमने उन्हें 100 दिनों से अधिक का अतिरिक्त समय भी दिया था। अब 15 अगस्त तक की अंतिम समय सीमा है।

जुर्माने का दौर खत्म, अब सीधे रद्द होगा लाइसेंस

कार्रवाई के स्वरूप पर बात करते हुए सरनाइक ने कहा कि अब तक की व्यवस्था के अनुसार केवल 500 रुपये का जुर्माना लगाया जाता था और रसीद फाड़ दी जाती थी। लेकिन अब सरकार की नीति बदल गई है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, अगर बार-बार जुर्माना लगाने के बावजूद कोई कानून का पालन नहीं करता है, तो आरटीओ अधिकारियों को ड्राइविंग लाइसेंस रद्द करने का अधिकार दे दिया गया है। 16 अगस्त से इस नियम का कड़ाई से अमल किया जाएगा।

व्यावहारिक मराठी है अनिवार्य

मंत्री प्रताप सरनाईक ने यह भी साफ किया कि सरकार चालकों से मराठी में विशेषज्ञता की उम्मीद नहीं कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि, उन्हें पूरी की पूरी मराठी आनी चाहिए ऐसा नहीं है, लेकिन यात्रियों से संवाद के दौरान उन्हें व्यावहारिक मराठी आनी ही चाहिए। यह राज्य शासन की भूमिका और भावना है।

इस कड़ी चेतावनी के बाद अब उन हजारों ऑटो-टैक्सी चालकों के लिए समय बहुत कम बचा है जिन्होंने अभी तक मराठी सीखने की कक्षाओं में गंभीरता नहीं दिखाई है। 16 अगस्त से होने वाली इस कार्रवाई का असर मुंबई, ठाणे और आसपास के प्रमुख शहरों में बड़े पैमाने पर देखने को मिल सकता है।

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